TMC Bank Account Freeze Case: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उसके तीन एचडीएफसी बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. मामले में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ 3 अगस्त को सुनवाई करेगी. टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 20 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें खातों को फ्रीज करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था.
ईडी का आरोप है कि टीएमसी के एक बैंक खाते से करीब 133.84 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर किए गए. एजेंसी के अनुसार, यह लेनदेन कथित धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है.
हालांकि, इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी को राहत देते हुए फ्रीज किए गए तीनों खातों का इस्तेमाल रोजमर्रा के खर्चों के लिए करने की अनुमति दी थी. अदालत ने स्पष्ट किया था कि पार्टी केवल कोर्ट द्वारा नियुक्त अधिकारी की कड़ी निगरानी में ही इन खातों का संचालन कर सकेगी. यह अंतरिम व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी.
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से खातों को जल्दबाजी में फ्रीज करने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए थे. अदालत ने कहा था कि पार्टी के असली गुट को लेकर विवाद अभी भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष लंबित है और इस आदेश का उस विवाद पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
टीएमसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि बैंक खातों पर डेबिट रोक लगाने से एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का सामान्य कामकाज लगभग ठप हो गया है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(d) के तहत मिले अधिकारों का उल्लंघन करती है और लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर के सिद्धांत को कमजोर करती है.
सिंघवी ने यह भी कहा कि शिकायत अस्पष्ट है और एफआईआर दर्ज होने के महज दो दिन के भीतर बैंक खातों को फ्रीज करना अनुचित और जल्दबाजी में उठाया गया कदम है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश वकील से यह भी पूछा था कि शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद बैंक खातों को फ्रीज करने का कानूनी आधार क्या था.
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गौरतलब है कि ईडी ने हाल ही में टीएमसी के तीन बैंक खातों को फ्रीज किया था, जिनमें करीब 450 करोड़ रुपये जमा बताए गए हैं. एजेंसी ने संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के मामले में पांच स्थानों पर तलाशी भी ली थी. शुरुआती जांच में दावा किया गया कि एविएशन और ट्रैवल कंपनियों के जरिए 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का संदिग्ध तरीके से लेनदेन किया गया.
-भारत एक्सप्रेस
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