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भीषण गर्मी के बावजूद बिना AC के इन लोगों को कैसे मिलती है राहत, जानें कमाल की Tech

Ancient cooling techniques Dubai: दुबई का नाम दुनिया के सबसे गर्म शहरों में लिया जाता है. गर्मियों में यहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है. ऐसे में बिना एयर कंडीशनर के रहने की कल्पना करना मुश्किल लगता है. लेकिन दुबई के पुराने इलाकों में आज भी कई ऐसे घर मौजूद हैं, जो सदियों पुरानी तकनीकों की मदद से बिना एसी के भी ठंडे बने रहते हैं.

क्या है बरजील, जिसे विंड टावर भी कहा जाता है

पारंपरिक अरब वास्तुकला में बरजील यानी विंड टावर का खास महत्व है. यह घर की छत पर बना ऊंचा ढांचा होता है, जो चारों दिशाओं से आने वाली हवा को पकड़कर घर के अंदर पहुंचाता है. इससे कमरों में प्राकृतिक रूप से ठंडी हवा का प्रवाह बना रहता है. खाड़ी देशों में यह तकनीक सैकड़ों सालों से इस्तेमाल की जाती रही है.

मशराबिया से मिलती है ठंडक और निजता

मशराबिया लकड़ी से बनी जालीदार खिड़कियों या बालकनी को कहा जाता है. इनकी डिजाइन ऐसी होती है कि बाहर की तेज धूप और गर्म हवा सीधे घर के अंदर नहीं पहुंच पाती. साथ ही ताजी हवा का प्रवाह बना रहता है. इससे घर का तापमान नियंत्रित रहता है और परिवार को गोपनीयता भी मिलती है.

सिक्का की संकरी गलियां भी करती हैं मदद

पुराने दुबई में सिक्का नाम की संकरी गलियां बनाई जाती थीं. इन गलियों के दोनों तरफ बने ऊंचे मकान सीधे सूर्य की रोशनी को नीचे तक पहुंचने से रोकते हैं. इससे गलियों और आसपास के घरों का तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है. अल फहीदी हिस्टोरिकल डिस्ट्रिक्ट में आज भी इस तरह की वास्तुकला देखने को मिलती है.

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मोटी दीवारें और प्राकृतिक सामग्री भी थीं खास

विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने घरों के निर्माण में मूंगा पत्थर, जिप्सम, मिट्टी और खजूर के पेड़ों की लकड़ी जैसी प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता था. मोटी दीवारें दिन की गर्मी को अंदर आने से रोकती थीं और रात में घर के भीतर ठंडक बनाए रखने में मदद करती थीं.

आधुनिक दौर में फिर बढ़ रही है रुचि

संयुक्त अरब अमीरात में अब पर्यावरण के अनुकूल इमारतों और टिकाऊ वास्तुकला पर जोर दिया जा रहा है. कई आधुनिक परियोजनाओं में पारंपरिक अरब डिजाइन से प्रेरित तकनीकों को फिर से अपनाया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की बढ़ती मांग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच ये पुरानी तकनीकें भविष्य के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती हैं.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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