chaitra navratri 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी हैं. इस दिन लोग मां दुर्गा की पूजा करते हैं साथ ही 9 दिन का व्रत भी रखते हैं. जो लोग नवरात्र में व्रत करते हैं उन्हें साफ-सफाई से जुड़े बहुत से नियमों का पालन करना होता है लेकिन ऐसे में उन महिलाओं के लिए एक बड़ी दुविधा जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है जब वह नवरात्रि के बीच में पीरियज से गुजरती है. ऐसे में ज्यादातर महिलाएं काफी कंफ्यूजन में रहती है कि अपने व्रत को कैसे पूरा किया जाए. इसको लेकर शास्त्रों में कुछ खास नियम बताए गए हैं. तो आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में.
आमतौर पर जब हम नवरात्रि का पाठ या कलश स्थापना करते हैं तो 2,5 या 7 साल के लिए इस व्रत को धारण कर रहे हैं. ऐसे में व्रत लगातार किया जाता है. ऐसा नहीं है कि एक साल व्रत किया और दूसरी साल पीरियड्स की वजह से व्रत छोड़ दिया. इस बीच कुछ खास बातों का ध्यान रखकर हम व्रत को पूरा कर सकते हैं.
आमौतर पर महिलाओं के पीरियड्स का चक्र 22 से 28 दिन के बीच होता है. ऐसे में हर किसी को पीरियड्स आने के बारे में पहले से ही पता होता है. तो अगर आपको लगता है कि पीरियड नवरात्रि में हो सकते हैं तो व्रत न रखें. लेकिन अगर जो महिलाएं व्रत रखना चाहती है तो वह पहला और आखिरी रख सकते हैं. इस दौरान मां के अलावा पूजा सामग्री, कलश आदि को स्पर्श न करें बल्कि दूर से ही मां के दर्शन कर लें.
जिन महिलाओं को पीरियड्स की समस्या आती है वे व्रत करने के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी मन ही मन कर सकती हैं. अगर आपको यह पाठ याद नहीं है तो आप अपने मोबाइल में इंटरनेट के माध्यम ये यह पाठ देखकर व्रत कर सकती हैं. किसी एकांत स्थान पर बैठकर आप चाहें तो यह पाठ कर सकती हैं. ध्यान रखें कि यह पाठ आपको स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके ही करना चाहिए.
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अगर नवरात्र से पहले ही आपके पीरियड्स की शुरुआत हो चुकी है तो आपको व्रत नहीं करना चाहिए. फिर भी यदि आप व्रत करने का संकल्प ले चुकी हैं तो आप पूजा न करें इसकी बजाए घर के किसी अन्य व्यक्ति से पूजा करवा सकती है. दुर्गा सप्तशती का पाठ करने और सुनने से आपको व्रत का फूल फल प्राप्त होता है.
जिन महिलाओं को नवरात्र के बीच में पीरियड्स आ जाए उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. इस दौरान उनके लिए जरूरी है कि वे मां दुर्गा का मानसिक जप और मानसिक रूप से ध्यान करें. ऐसा करने से आपको पूजा का पूरा फल मिलेगा और मां भगवती आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगी.
-भारत एक्सप्रेस
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