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International Potato Day 2025: हर थाली का हीरो बना ‘आलू’, जानिए इसका इतिहास और सेहत से जुड़ी खूबियां!

International Potato Day 2025: जब भी किसी बहुप्रयोगी और हर घर की रसोई में पाई जाने वाली सब्जी का ज़िक्र होता है, तो सबसे पहला नाम जो ज़ेहन में आता है, वो है आलू! बिरयानी से लेकर सब्ज़ी, पकौड़ों से पराठे तक, शायद ही कोई भारतीय भोजन ऐसा हो जिसमें आलू ने अपनी जगह न बनाई हो. अंतर्राष्ट्रीय आलू दिवस हर साल 30 मई को मनाया जाता है और इसकी शुरुआत वर्ष 2024 में की गई थी. आइए इस खास दिन पर जानते हैं आलू की दिलचस्प कहानी.

आलू का इतिहास? (International Potato Day 2025)

आलू की जड़ें दक्षिण अमेरिका के पेरू से जुड़ी हैं, जहां करीब 7,000 साल पहले से इसकी खेती की जा रही थी. वहां इसे ‘बटाटा’ या ‘कामाटा’ कहा जाता था. स्पेनिश खोजकर्ता 16वीं सदी में आलू को यूरोप ले गए और वहां इसे ‘पोटैटो’ नाम मिला. ऐसा कहा जाता है कि कोलंबस जब अपनी विश्व यात्राओं पर निकले, तो वे आलू को भी अपने साथ ले गए. भारत में आलू की एंट्री 15वीं शताब्दी में हुई, जब डच और पुर्तगाली व्यापारी इसे लेकर आए.

इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसे व्यावसायिक रूप से भुनाने के लिए भारत में 18वीं सदी में आलू की खेती को बढ़ावा दिया. आलू की लोकप्रियता का अगला अध्याय तब जुड़ा, जब नवाब वाजिद अली शाह कोलकाता पहुंचे. उनके शाही बावर्चियों ने आलू को शाही व्यंजनों का हिस्सा बनाया और तभी से यह स्वाद और सुविधा दोनों का पर्याय बन गया। आज आलू न सिर्फ कोलकाता बल्कि पूरे भारत के हर कोने की प्लेट में राज करता है.

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आलू की खासियत क्या है?

पोषण से भरपूर आलू में लगभग 70% पानी और 20% कार्बोहाइड्रेट होता है. इसमें पाए जाते हैं: विटामिन C, विटामिन B6, पोटैशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस, डाइटरी फाइबर इन पोषक तत्वों की वजह से आलू न केवल स्वादिष्ट बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है.

कितनी किस्में हैं आलू की? (International Potato Day 2025)

शुरुआती दौर में भारत में आलू की तीन प्रमुख किस्में उगाई जाती थीं:

फुलवा – मैदानी इलाकों में उगाया जाने वाला आलू

गोला – गोल आकार वाला

साठा – 60 दिन में तैयार होने वाली किस्म

लेकिन आज दुनिया में 4,000 से ज्यादा किस्मों के आलू मौजूद हैं. भारत में आलू की सबसे ज्यादा पैदावार उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में होती है. उत्पादन के मामले में भारत चीन और रूस के बाद तीसरे स्थान पर आता है.

आलू हर डिश का चहेता

आपने कभी गौर किया है कि आलू को लगभग हर सब्जी में डाला जा सकता है? फिर चाहे वो भिंडी हो, टमाटर, पनीर, या फिर हो प्याज की सब्ज़ी – आलू हर स्वाद में ढलने की ताकत रखता है. यही कारण है कि इसे ‘सब्जियों का राजा’ कहा जा सकता है.

-भारत एक्सप्रेस 

Akansha

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