Interstellar Comet 3I ATLAS: हमारे सौरमंडल में दाखिल एक इंटरस्टेलर धूमकेतु ने खगोलविदों की नींद उड़ा दी है. यह दुर्लभ धूमकेतु सौरमंडल से 61 किलोमीटर प्रति सेकेंड की गति से गुजर रहा है. इसकी पहचान 3 एआई/एटलस के रूप में हुई है. हालांकि नासा ने कहा है कि इस धूमकेतु से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है.
धूमकेतु 3 एआई/एटलस हमारे सौरमंडल के बाहर खोजा गया तीसरा ज्ञात पिंड है. उससे पहले ‘ओउमुआमुआ’ (2017 में खोज) और 2आई/बोरिसोव (2019 में) खोजे गए थे.
इन पिंडों के नाम में लगा ‘आई’ अक्षर इंटरस्टेलर मतलब सौरमंडल के बाहर का ऑब्जेक्ट को दर्शाता है. जिसका अर्थ है कि ये पिंड हमारे सौरमंडल के बाहर से आए हैं. वहीं तीसरे ज्ञात पिंड के नाम के आगे ‘3’ इसलिए लगाया गया है क्योंकि यह खोजा गया तीसरा इंटरस्टेलर पिंड है.
धूमकेतु 3 एआई/एटलस को चिली के रियो हर्टाडो में मौजूद नासा के सर्वेक्षण दूरबीन ‘एटलस’ ने खोजा है. इसने 1 जुलाई 2025 को धूमकेतु 3 एआई/एटलस का अवलोकन किया था.
नासा ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि यह धूमकेतु बहुत ही दुर्लभ है. इसकी गति बेहद तेज है, लेकिन हमें इससे कोई खतरा नहीं है.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि जब इस इंटरस्टेलर धूमकेतु की खोज की गई तो उस समय यह लगभग 137,000 मील प्रति घंटे की गति से यात्रा कर रहा था. नासा ने बताया है कि जैसे-जैसे यह धूमकेतु सूर्य के नजदीक आएगा वैसे-वैसे इसकी गति बढ़ती जाएगी.
नासा के अनुसार 3आई/एटलस के 30 अक्टूबर के आसपास सूर्य के सबसे निकट बिंदु पर पहुंचने की उम्मीद है, जो मंगल की कक्षा के ठीक अंदर लगभग 21 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर होगा.
नासा ने कहा है कि धूमकेतु 3आई/एटलस पृथ्वी के लिए कोई खतरा नहीं है और यह पृथ्वी से बहुत दूर रहेगा. यह हमारे ग्रह के सबसे निकट लगभग 17 करोड़ मील या 27 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर होगा.
हबल, वेब और स्फेयरएक्स सहित अपने विभिन्न अंतरिक्ष दूरबीनों के माध्यम से धूमकेतु पर नजर रख रही अंतरिक्ष एजेंसी ने पुष्टि की है कि इस अंतरतारकीय पिंड के पृथ्वी से टकराने का कोई खतरा नहीं है.
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नासा ने कहा, “धूमकेतु 3आई/एटलस पृथ्वी के लिए कोई खतरा नहीं है और यह पृथ्वी से बहुत दूर रहेगा. यह हमारे ग्रह के सबसे निकट लगभग 1.8 खगोलीय इकाइयों (लगभग 17 करोड़ मील या 27 करोड़ किलोमीटर) की दूरी पर होगा.”
हबल, वेब और स्फेयरएक्स सहित अपने विभिन्न अंतरिक्ष दूरबीनों के माध्यम से धूमकेतु पर नजर रख रही अंतरिक्ष एजेंसी ने पुष्टि की है कि इस अंतरतारकीय पिंड के पृथ्वी से टकराने का कोई खतरा नहीं है. यह धूमकेतु अक्टूबर के अंत में सूर्य के पीछे से गुजरेगा और मार्च 2026 में बृहस्पति के पास से गुजरकर हमारे सौरमंडल से बाहर निकल जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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