अंतरिक्ष में भारत का नया कदम: NVS-03 सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग से मजबूत होगी ‘नाविक’ प्रणाली
Indian Space Research: इसरो ने रचा नया इतिहास! श्रीहरिकोटा से NVS-03 नेविगेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक किया गया लॉन्च. स्वदेशी एटॉमिक घड़ी से लैस यह उपग्रह देश की नेविगेशन प्रणाली को देगा और मजबूती.
क्या ऐसे तबाह होगी हमारी धरती? मृत तारे के पास मिला वो खौफनाक राज, जिसे वैज्ञानिक भी नहीं समझ पा रहे
Solar System End: मृत तारे के पास मिली इस दुर्लभ संरचना ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है. यह खोज इस बात की एक झलक देती है कि सूरज के खत्म होने पर हमारे सौरमंडल का क्या अंजाम होगा.
चांद-मंगल नहीं, ISRO का यह मिशन सीधा धरती के लिए क्यों है सबसे बड़ा वरदान?
ISRO BRICS Satellite: ISRO और BRICS स्पेस एजेंसियां एक नए वर्चुअल सैटेलाइट नेटवर्क पर काम कर रही हैं. जानिए यह नया उपग्रह नेटवर्क पृथ्वी की निगरानी और आपदा प्रबंधन में कैसे मददगार साबित होगा.
वनस्पति जगत के लिए नई सौगात! गुजरात की धरती पर उगी दुर्लभ सफेद फूलों वाली किस्म ‘अल्बा’, जानें क्या है इसकी खासियत
GUJARAT BIODIVERSITY DISCOVERY: गुजरात इकोलॉजिकल एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (गीर फाउंडेशन) के शोधकर्ताओं ने छोटाउदेपुर जिले में नर्मदा कैनाल कमांड एरिया से ‘रुंजिया रिपेंस’ पौधे की एक नई दुर्लभ सफेद फूलों वाली किस्म खोजी है. इसे ‘रुंजिया रिपेंस वैरायटी अल्बा’ नाम दिया गया है.
Aditya-L1 New Discovery: सूर्य के सेंटर से लाखों गुना गर्म क्यों है ‘कोरोना’? भारत ने इस मिशन में उजागर किया रहस्य
ADITYA-L1 CORONAL HEATING DISCOVERY: भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 से मिले आंकड़ों के अध्ययन से वैज्ञानिकों को सूर्य के सबसे बाहरी वायुमंडल 'कोरोना' के अत्यधिक गर्म रहने और उसके ऊर्जा तंत्र से जुड़ी सदियों पुरानी पहेली को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है.
1868 में भारत की धरती से मिली ब्रह्मांड की वो सबसे बड़ी पहेली, जिसका राज सुलझाने में वैज्ञानिकों को लग गए पूरे 27 साल
Guntur History: 1868 में आंध्र प्रदेश के गुंटूर में लगे पूर्ण सूर्य ग्रहण ने विज्ञान की दुनिया बदल दी. फ्रांसीसी खगोलशास्त्री जूल्स जानसेन ने सूर्य के प्रकाश में एक अनजान पीली रेखा देखी, जो बाद में 'हीलियम' साबित हुई. ब्रह्मांड के इस रहस्यमयी तत्व की पृथ्वी पर मौजूदगी 27 साल बाद दर्ज की गई.
पृथ्वी से हजारों कोस दूर अनिल मेनन का कारनामा! ISS के बाहर 6:27 घंटे का मिशन किया पूरा, जानिए क्या होगा हासिल
पृथ्वी से स्पेसक्राफ्ट के जरिए उड़ान भरकर भारतीय मूल के एक एस्ट्रोनॉट डॉ. अनिल मेनन (Anil Menon) अंतरिक्ष में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंच गए. वहां उसने NASA की अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ 6 घंटे 27 मिनट तक सफलतापूर्वक 'स्पेस वॉक' (Spacewalk) किया.
चांद पर पहला कदम रखने वाले नील आर्मस्ट्रांग का बचपन का घर बिक्री पर; जानें 3.6 करोड़ के मकान की खासियतें
Neil Armstrong House For Sale: चांद पर कदम रखने वाले पहले मानव नील आर्मस्ट्रांग का अमेरिका के ओहायो स्थित बचपन का ऐतिहासिक घर लगभग 40 साल बाद पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध हुआ है. 1908 में बने इस दो मंजिला मकान की कीमत करीब 3.6 करोड़ रुपये रखी गई है, जहां....
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट रचेगा इतिहास: ‘विक्रम-1’ की सफल लॉन्चिंग से भारत में भी होगी SpaceX जैसी कंपनी
Vikram 1 Launch: भारत कुछ ही दिनों में इतिहास रचने जा रहा है. हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी स्काईरूट एरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' को अंतरिक्ष में लॉन्च कराएगी. जानिए इसके कारण क्यों दुश्मन देशों की नींद उड़ी.
इंसान ने पाताल से खींच लिया इतना पानी कि डगमगा गई धरती! भारत और अमेरिका के कारण ज्यादा झुक गई पृथ्वी की धुरी
SCIENCE NEWS: भारत और अमेरिका द्वारा जमीन से अंधाधुंध पानी निकालने के कारण पृथ्वी का संतुलन बिगड़ गया है और उसकी भौगोलिक धुरी (Axis) ज्यादा झुक गई है.







