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साइंस

ISRO BRICS Satellite: ISRO और BRICS स्पेस एजेंसियां एक नए वर्चुअल सैटेलाइट नेटवर्क पर काम कर रही हैं. जानिए यह नया उपग्रह नेटवर्क पृथ्वी की निगरानी और आपदा प्रबंधन में कैसे मददगार साबित होगा.

GUJARAT BIODIVERSITY DISCOVERY: गुजरात इकोलॉजिकल एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (गीर फाउंडेशन) के शोधकर्ताओं ने छोटाउदेपुर जिले में नर्मदा कैनाल कमांड एरिया से ‘रुंजिया रिपेंस’ पौधे की एक नई दुर्लभ सफेद फूलों वाली किस्म खोजी है. इसे ‘रुंजिया रिपेंस वैरायटी अल्बा’ नाम दिया गया है.

ADITYA-L1 CORONAL HEATING DISCOVERY: भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 से मिले आंकड़ों के अध्ययन से वैज्ञानिकों को सूर्य के सबसे बाहरी वायुमंडल 'कोरोना' के अत्यधिक गर्म रहने और उसके ऊर्जा तंत्र से जुड़ी सदियों पुरानी पहेली को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है.

Guntur History: 1868 में आंध्र प्रदेश के गुंटूर में लगे पूर्ण सूर्य ग्रहण ने विज्ञान की दुनिया बदल दी. फ्रांसीसी खगोलशास्त्री जूल्स जानसेन ने सूर्य के प्रकाश में एक अनजान पीली रेखा देखी, जो बाद में 'हीलियम' साबित हुई. ब्रह्मांड के इस रहस्यमयी तत्व की पृथ्वी पर मौजूदगी 27 साल बाद दर्ज की गई.

पृथ्वी से स्पेसक्राफ्ट के जरिए उड़ान भरकर भारतीय मूल के एक एस्ट्रोनॉट डॉ. अनिल मेनन (Anil Menon) अंतरिक्ष में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंच गए. वहां उसने NASA की अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ 6 घंटे 27 मिनट तक सफलतापूर्वक 'स्पेस वॉक' (Spacewalk) किया.

Neil Armstrong House For Sale: चांद पर कदम रखने वाले पहले मानव नील आर्मस्ट्रांग का अमेरिका के ओहायो स्थित बचपन का ऐतिहासिक घर लगभग 40 साल बाद पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध हुआ है. 1908 में बने इस दो मंजिला मकान की कीमत करीब 3.6 करोड़ रुपये रखी गई है, जहां....

Vikram 1 Launch: भारत कुछ ही दिनों में इतिहास रचने जा रहा है. हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी स्काईरूट एरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' को अंतरिक्ष में लॉन्च कराएगी. जानिए इसके कारण क्‍यों दुश्मन देशों की नींद उड़ी.

SCIENCE NEWS: भारत और अमेरिका द्वारा जमीन से अंधाधुंध पानी निकालने के कारण पृथ्वी का संतुलन बिगड़ गया है और उसकी भौगोलिक धुरी (Axis) ज्यादा झुक गई है.

Abort system help astronauts in emergency: एस्ट्रोनॉट्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पेस एजेंसियां एस्ट्रोनॉट्स के लिए खास सुरक्षा व्यवस्था करती हैं. इसे ‘अबॉर्ट सिस्टम’ कहा जाता है. आपको विस्तार से बताते हैं कि अबॉर्ट सिस्टम कैसे काम करता है.

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी नई स्पेस रणनीति के तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं. चांद पर फिर से इंसानों को भेजने की घोषणा की है.