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Aaj Ka Panchang 14 June 2026: आज 14 जून 2026, दिन रविवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगी, जिसके तुरंत बाद अमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा. रविवार का यह पावन दिन साक्षात नारायण के रूप ग्रहों के राजा सूर्यदेव को समर्पित है. आज के दिन सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल में लाल चंदन मिलाकर अर्घ्य देने से जीवन के सभी कष्टों, पितृ दोषों और अज्ञात भय का नाश होता है.
आज का दिन विशेष रूप से ‘दर्श अमावस्या’ के पावन अवसर के लिए जाना जाता है. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से पितरों को प्रसन्न करने, श्राद्ध कर्म और पितृ तर्पण के लिए इस तिथि को बेहद अचूक और कल्याणकारी माना गया है. आज आकाश मंडल में रात 10 बजकर 14 मिनट तक बेहद शुभ और पावन ‘रोहिणी नक्षत्र’ प्रभावी रहेगा, जिसके बाद मृगशिरा नक्षत्र की शुरुआत होगी. इसके साथ ही आज ‘धृति योग’ का निर्माण हो रहा है. आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ जीवन में आ रहे संकटों को काटने के लिए सर्वोत्कृष्ट है. सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना नितांत आवश्यक है.
पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि दोपहर तक है और उसके बाद अमावस्या लग जाएगी. रविवार का दिन होने से आज सूर्य आराधना और पितृ शांति के निमित्त किए गए दान-पुण्य का फल अनंत गुना हो जाता है.
आज रात 10 बजकर 14 मिनट तक ‘रोहिणी नक्षत्र’ रहेगा, जो बेहद शुभ फलदायी और स्थिरता देने वाला माना जाता है. योग की बात करें तो आज दोपहर तक ‘धृति योग’ का प्रभाव रहेगा.
आज सूर्य देव अपने पूर्ण तेज के साथ संचरण कर रहे हैं. दर्श अमावस्या तिथि होने के कारण सूर्य और चंद्रमा का यह संयोग जातकों के मानसिक बल और पितृ ऊर्जा को संतुलित करने में सहायक होगा.
किसी भी शुभ कार्य, साधना की शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए आज ‘अभिजीत मुहूर्त’ और ‘अमृत काल’ का समय सबसे श्रेष्ठ और फलदायी रहेगा.
आज रविवार के दिन शाम के समय ‘राहुकाल’ का भारी साया रहेगा, जिसमें कोई भी नया शुभ कार्य या खरीदारी करना सख्त वर्जित है. इसके साथ ही दोपहर और शाम के समय दुर्मुहूर्त का प्रभाव रहेगा, इसलिए अत्यधिक सावधानी बरतें.
आज ‘दर्श अमावस्या’ का पावन पर्व मनाया जा रहा है. ज्येष्ठ मास की इस अमावस्या पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए गीता पाठ करना, तर्पण करना और भूखों को अन्न दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सात्विक नियम से पूजा करने से घर की सभी नकारात्मक ऊर्जाएं नष्ट हो जाती हैं.
विशेष उपाय: आज शाम के समय राहुकाल शुरू होने से पहले घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाएं और पितरों के निमित्त दक्षिण दिशा की ओर मुख करके प्रार्थना करें.
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निष्कर्ष के तौर पर, 14 जून 2026 का दिन ‘दर्श अमावस्या’ के पितृ आशीर्वाद और ‘अमृत काल’ के महा-संयोग से भरा है, लेकिन ‘राहुकाल’ और ‘दुर्मुहूर्त’ के कारण आपको सतर्क रहना होगा. कोई भी नया कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय दोपहर के ‘अभिजीत मुहूर्त’ (सुबह 11:54 से दोपहर 12:49) में ही लें और शाम 05:35 बजे के बाद के राहुकाल से बचें. सूर्यदेव और पितरों का ध्यान कर अपने दिन की शुरुआत करें, सब मंगलमय होगा.
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