Aaj Ka Panchang 6 october 2026: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि यानी ‘इंदिरा एकादशी’ 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को देर रात 12:36 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा. बता दें आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत पावन माना जा रहा है. आज एकादशी व्रत के पावन अवसर पर संकटमोचन श्री हनुमान जी और भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा का एक बेहद दुर्लभ और शुभ महासंयोग बन रहा है.
पितृ पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है और सनातन धर्म में इसका विशेष स्थान है. मान्यता है कि इस पावन तिथि पर विधि-विधान से व्रत रखने, भगवान विष्णु की पूजा करने और पितरों के निमित्त दान-पुण्य करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.
यदि किसी कारणवश परिवार के पितरों की तृप्ति नहीं हुई है, तो इंदिरा एकादशी का व्रत उनके उद्धार का मार्ग प्रशस्त करता है. आज के दिन किया गया जप, तप और दान अक्षय फल प्रदान करता है.
आज ग्रह-नक्षत्रों का बेहद शुभ तालमेल देखने को मिल रहा है. सुबह 07:20 बजे तक सिद्ध योग रहेगा, जिसके तुरंत बाद अत्यंत फलदायी ‘साध्य योग’ शुरू हो जाएगा. यह योग पूरे दिन और रातभर प्रभावी रहकर 7 अक्टूबर की तड़के 04:59 बजे तक बना रहेगा. साध्य योग में किए गए सभी धार्मिक कार्य, संकल्प और पूजा-अनुष्ठान पूरी तरह सिद्ध होते हैं. इसके साथ ही आश्लेषा नक्षत्र रात 10:18 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मघा नक्षत्र की शुरुआत होगी.
तिथि: आश्विन कृष्ण एकादशी (रात 12:36 बजे तक), तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र: आश्लेषा (रात 10:18 बजे तक), तत्पश्चात मघा
योग: सिद्ध योग (सुबह 07:20 बजे तक), तत्पश्चात साध्य योग (रात 04:59 बजे तक)
करण: बव (दोपहर 01:21 बजे तक), तत्पश्चात बालव (रात 12:36 बजे तक)
पक्ष व वार: आश्विन कृष्ण पक्ष, मंगलवार (श्री हनुमान जी का दिन)
चंद्र व सूर्य राशि: चंद्रमा कर्क राशि में (रात 10:18 बजे तक, फिर सिंह), सूर्य कन्या राशि में
आज किसी भी नए कार्य की शुरुआत, शुभ खरीदारी या पूजा-पाठ के लिए समय का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है. आज का सबसे श्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम है.
वहीं, अशुभ समय यानी राहुकाल दोपहर 03:00 बजे से शाम 04:30 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी नया या मांगलिक काम शुरू करने से बचें. यमगण्ड सुबह 09:12 बजे से 10:41 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 12:10 बजे से 01:39 बजे तक रहेगा.
यह भी पढ़ें: पुरी धाम में दिखा दुर्लभ नजारा, जगन्नाथ मंदिर के नीलचक्र से बिखरी चंद्रमा की चांदनी
शास्त्रों के अनुसार मंगलवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है, इसलिए इस दिशा में अकारण यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि किसी आवश्यक काम से उत्तर दिशा की ओर यात्रा करनी ही पड़े, तो घर से निकलने से पहले थोड़ा सा गुड़ या तिल खाकर और भगवान का स्मरण करके ही प्रस्थान करें. आज मंगलवार का दिन होने के कारण हनुमान जी के मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाना, हनुमान चालीसा का पाठ करना और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना अत्यंत शुभ और कष्ट निवारक माना जाता है.
आपने आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 6 october 2026) पढ़ लिया है. धर्म, ज्योतिष और अध्यात्म से जुड़ी अन्य सभी प्रामाणिक खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें.
महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम…
राजस्थान की महान संत कवयित्री मीराबाई ने अपना पूरा जीवन भगवान कृष्ण की भक्ति में…
Delhi Yamuna Pollution: दिल्ली में दिवाली और छठ महापर्व से पहले कालिंदी कुंज में यमुना…
नीति आयोग के सदस्य और पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र…
Kochi Mercedes Accident: कोच्चि में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के 17 साल के बेटे ने मर्सिडीज…
Amitabh Bachchan Health Update: अमिताभ बच्चन डॉक्टरों की सलाह पर आराम कर रहे हैं, लेकिन…