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Amarnath Yatra 2025: जम्मू से 6411 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रवाना, पहले दिन 12 हजार से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

Amarnath Yatra 2025: अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को जम्मू से एक और जत्था भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ. इस जत्थे में 6411 तीर्थयात्री शामिल थे.

कुल 6411 तीर्थयात्री कश्मीर घाटी के लिए हुए रवाना

अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह भगवती नगर यात्रा निवास से 291 वाहनों के दो सुरक्षा काफिलों में कुल 6411 यात्री कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुए. इनमें से 2789 यात्री बालटाल बेस कैंप की ओर जा रहे हैं, जबकि 3622 यात्री पहलगाम बेस कैंप जा रहे हैं.

पहले दिन 12 हजार से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

अधिकारियों ने बताया कि 38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के पहले दिन, गुरुवार को 12300 यात्रियों ने पवित्र गुफा में दर्शन किए. यात्रा के दौरान श्रद्धालु ‘बम बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक तीर्थ कर रहे हैं. सुरक्षा के विषय पर तीर्थयात्रियों ने कहा, “उन्हें पाकिस्तान या उसके भाड़े के एजेंटों से कोई डर नहीं है. वो भगवान शिव के आह्वान पर यात्रा कर रहे हैं और उन्हीं की कृपा में सुरक्षित महसूस करते हैं.”

ये भी पढ़ें: अमरनाथ यात्रा के लिए दूसरा जत्था रवाना, तीर्थयात्रियों ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए सरकार की तारीफ की

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में नहीं छोटी गई कोई कसर

इस साल की अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है, क्योंकि यह 22 अप्रैल के कायरतापूर्ण हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम में कथित तौर पर धर्म देखकर 26 पर्यटकों की हत्या की थी.

पुसीएपीएफ की अतिरिक्त कंपिनयां की गई तैनात

फिलहाल यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है. सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं. दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी शिविर और जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक का पूरा मार्ग सुरक्षाबलों की ओर से सुरक्षित है.

कैसे पहुंचे अमरनाथ?

तीर्थयात्री बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक दो रास्तों से पहुंचते हैं, जिसमें एक पारंपरिक पहलगाम मार्ग है और दूसरा छोटा, लेकिन कठिन बालटाल मार्ग है. पहलगाम रूट पर गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरणी से गुजरना पड़ता है, जिसमें कुल 46 किमी की दूरी तय करनी होती है.बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा करने के बाद उसी दिन बेस कैंप वापस लौटना पड़ता है.

-भारत एक्सप्रेस 

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