क्राइम

फूफा के प्यार में पागल हुई दुल्हन, शादी के 45 दिन बाद ही पति की हत्या

औरंगाबाद में प्यार के नाम पर रिश्तों की जो हालत हो रही है, वो वाकई डराने वाली है. अब पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे और प्यार का नहीं, बल्कि शक, धोखा और लालच का बनता जा रहा है. कभी किसी की लाश नीले ड्रम में मिलती है, तो कभी हनीमून पर ही पति की हत्या हो जाती है. कहीं पत्नी अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मार देती है और फिर दोनों फरार हो जाते हैं.

इन सब घटनाओं ने शहर के मर्दों में डर बैठा दिया है. उन्हें लगने लगा है कि कहीं उनकी बीवी का किसी और से चक्कर न चल निकले और वो भी किसी दिन मारे न जाएं. पहले जहां रिश्तों में वफादारी और इज्जत होती थी, अब वहां मतलब और जुर्म ने जगह ले ली है.

मृतक की पत्नी मास्टरमाइंड

औरंगाबाद के नबीनगर में 24 जून को प्रियाशु कुमार सिंह उर्फ छोटू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है और जो सच सामने आया है, वो हैरान कर देने वाला है. पता चला है कि इस खौफनाक साजिश की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि खुद मृतक की पत्नी गुंजा सिंह थी.

शादी के सिर्फ 45 दिन बाद ही गुंजा ने अपने पुराने प्यार के चक्कर में अपने ही पति को मरवा दिया. उसने ये साजिश अपने फूफा जीवन सिंह के साथ मिलकर रची थी. औरंगाबाद के एसपी अंबरीष राहुल की अगुवाई में बनी स्पेशल टीम (SIT) ने इस पेचीदा केस की परतें खोल दीं और सच्चाई सबके सामने ला दी.

वैज्ञानिक तरीके से जांच

पुलिस ने जब इस केस की गहराई से जांच की. जांचत में पुलिस ने कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले, सीसीटीवी फुटेज देखे और खुफिया जानकारी जुटाई तो पूरा मामला धीरे-धीरे साफ होता गया. आखिरकार पुलिस ने मृतक की पत्नी गुंजा सिंह, जयशंकर चौबे और मुकेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया.

गुंजा ने पुलिस के सामने जो कबूलनामा किया वो चौंकाने वाला था. उसने बताया कि प्रियाशु से शादी के 15 दिन पहले से ही उसका अपने फूफा जीवन सिंह से अफेयर चल रहा था. शादी उसे बिल्कुल पसंद नहीं थी और वो इस रिश्ते से निकलना चाहती थी. लेकिन निकलने का तरीका उसने जो चुना वो बेहद खतरनाक था.

गुंजा ने अपने फूफा के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की प्लानिंग की. जैसे ही उसे पता चला कि प्रियाशु बनारस से लौट रहे हैं, उसने फौरन अपने फूफा को खबर दी. इसके बाद जीवन सिंह ने पेशेवर शूटरों को हायर किया और प्रियाशु की बेरहमी से हत्या करवा दी.

पुलिस ने क्या किया ?

इस पूरे मामले में जयशंकर चौबे और मुकेश शर्मा ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी. उन्होंने हत्यारों को सिम कार्ड मुहैया कराया, जिससे साजिश को अंजाम देना आसान हो गया. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

ये घटना सिर्फ एक हत्या नहीं है बल्कि एक बड़ी चेतावनी है. जब प्यार में वफादारी की जगह धोखा और लालच आ जाता है तो उसका अंजाम अक्सर खून-खराबा और बर्बादी ही होता है. ऐसे मामलों में सबसे ज़्यादा नुकसान परिवार और समाज को होता है.

आज के दौर में ज़रूरत है कि रिश्तों में खुलकर बात हो, शक और स्वार्थ को दूर किया जाए और रिश्तों को ईमानदारी से निभाया जाए. वरना प्यार के नाम पर ऐसे खौफनाक हादसे होते रहेंगे और रिश्तों की असली खूबसूरती खोती जाएगी.

 

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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