देवकीनंदन ठाकुर की यह पहल खेल और अध्यात्म को जोड़ने का एक नया प्रयोग है. इंदौर में 12-15 मार्च तक होने वाले इस क्रिकेट टूर्नामेंट में आकर्षक पुरस्कारों के जरिए युवाओं को प्रेरित किया जाएगा, वहीं संतों के मार्गदर्शन से उन्हें संस्कार और जीवन मूल्यों से भी जोड़ा जाएगा. आयोजन का उद्देश्य खेल के साथ चरित्र निर्माण और सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. चलिए जानते है पूरा मामला:
आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने युवाओं को सनातन धर्म से जोड़ने के लिए एक नई और अनोखी पहल का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल प्रवचन या कथाओं के माध्यम से ही नहीं, बल्कि युवाओं की रुचि के अनुसार अलग-अलग मंचों के जरिए धर्म का संदेश पहुंचाना जरूरी हो गया है.
इसी सोच के तहत अब क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल को भी माध्यम बनाकर बच्चों और युवाओं को धर्म, संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ने की योजना बनाई गई है. देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “आज का युवा वर्ग धर्म के रास्ते पर भी चलना चाहता है और साथ ही अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित भी देखना चाहता है. इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस क्रिकेट आयोजन में आकर्षक इनाम रखे गए हैं.”
उन्होंने बताया कि जो टीम इस टूर्नामेंट में विजेता बनेगी, उसे 31 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि उपविजेता टीम को 15 लाख रुपए मिलेंगे. इसके अलावा, ‘मैन ऑफ द सीरीज’ को एक कार और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी को बाइक दी जाएगी.
ये सभी पुरस्कार खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के उद्देश्य से रखे गए हैं.
देवकीनंदन ठाकुर ने आगे कहा, “यह आयोजन सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिए खिलाड़ियों को संतों के समीप आने का भी अवसर मिलेगा. खिलाड़ियों की मुलाकात संतों से कराई जाएगी, जो उन्हें बताएंगे कि खेल में आत्मबल कितना जरूरी होता है और किसी भी खिलाड़ी के जीवन में परिवार का सहयोग कितनी बड़ी भूमिका निभाता है.
जब खेल और संस्कार एक साथ जुड़ते हैं, तो युवा न सिर्फ अच्छा खिलाड़ी बनता है बल्कि एक अच्छा इंसान भी बनता है.”
देवकीनंदन ठाकुर ने अभिभावकों से भी खास अपील की. उन्होंने कहा, ”घर से ही बच्चों में सनातन संस्कार डालने की जरूरत है. माता-पिता अपने बच्चों को सनातन धर्म का पालन करने वाला बनाएं, उनके माथे पर तिलक हो, गले में कंठी हो, कलाई पर कलावा हो और मुंह में भगवान का नाम हो.
यह छोटी-छोटी चीजें बच्चों के जीवन में बड़ा असर डालती हैं और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं. बच्चों को हमारे सनातन धर्मग्रंथों के बारे में जानकारी देना और उन्हें सही रास्ते पर चलने के लिए मार्गदर्शन करना आज के समय की बड़ी जरूरत है.”
देवकीनंदन ठाकुर ने आगे बताया कि यह क्रिकेट आयोजन 12, 13, 14, और 15 मार्च को इंदौर में आयोजित किया जाएगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस आयोजन को देखने जरूर जाएं और ऐसे युवाओं को सपोर्ट करें, जो आगे चलकर देश के भविष्य के स्टार खिलाड़ी बन सकते हैं. यह क्रिकेट मैच टीवी चैनल पर लाइव प्रसारित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पहल से जुड़ सकें.
-भारत एक्सप्रेस
Edited By: Shubhra Rai (Intern)
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