आस्था

खरगोन के इस मंदिर में गिरती है सूर्य की पहली किरण, मकर संक्रांति का है विशेष महत्व

ओमप्रकाश रामणेकर/खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में आज मकर संक्रांति के पर्व पर धार्मिक उल्लास का माहौल है. शहर के ढाई सौ वर्ष पुराने अतिप्राचीन नवग्रह मंदिर (Khargone Navgrah Temple) में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा है इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय की पहली किरण सीधे भगवान सूर्य नारायण की प्रतिमा पर पड़ती है. यही वजह है कि यह मंदिर न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात और देश के विभिन्न कोनों से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव के दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और नवग्रहों का विशेष आशीर्वाद मिलता है.

क्या है मंदिर की मान्यता?

इस मंदिर की खास विशेषता यह है कि सूर्य की पहली किरण भगवान सूर्य नारायण पर गिरती है. इसी लिए मप्र ही नही सीमावर्ती महाराष्ट्र, गुजरात सहित देश के कोने कोने से श्रद्धालु यहाँ दर्शनों के लिए पहुंचते है. सूर्य देव की प्रतिमा पर सूर्य की पहली किरण गिरने से धार्मिक आस्था का और भी महत्व बढ़ जाता हैं.

भगवान सूर्य की अगवानी का पर्व पर सूर्य प्रधान नवग्रह मंदिर में दर्शन मात्र से ही भगवान नवग्रह का विशेष आशीर्वाद भक्तो को मिलता है. गर्भ गृह में भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति के साथ साथ मां बगला मुखी भी विराजित है. मकर संक्राति के दिन आज प्राचीन नवग्रह मंदिर में सूर्योदय से पहले ही भक्तों की भीड़ जमा है.

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551 किलोग्राम गुड तिल का लगता है भोग

मंदिर में 551 किलोग्राम गुड़ तिल का प्रसाद का भोग भी लगाया जाता है. वहीं आज दान पुण्य का भी मकर संक्राति पर विशेष महत्व है. साथ ही करीब 300 से अधिक पंडितों द्वारा भगवान सत्यनारायण की कथा भी कराई गई. स्थानीय लोगो का कहना है की मकर संक्रांति के पर्व पर मंदिर में पूरे देश से श्रद्धालुओं का सैलाब उमडता है. नवग्रह मंदिर से प्रदेश ही नही देश में खरगोन की पहचान नवग्रह की नगरी के रूप में है.

एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचेंगे

वहीं इस मंदिर (Khargone Navgrah Temple) के पुजारी लोकेश जागीरदार का कहना है  कि आज करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचेंगे. 250 वर्ष अतिप्राचीन मंदिर का निर्माण ज्योतिषीय गणना के हिसाब से की गई है जिससे आज के दिन दर्शन का काफी महत्व माना गया है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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