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Ganesh Utsav 2026: मुंबई में इको-फ्रेंडली गणपति सिंहासनों की धूम, 150 से ज्यादा थीम बनीं आकर्षण का केंद्र

Mumbai Eco-Friendly Ganesh Thrones: देशभर में 14 सितंबर से गणेशोत्सव की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन मायानगरी मुंबई में बप्पा के स्वागत की तैयारियां अभी से पूरे उत्साह के साथ शुरू हो चुकी हैं. शहर के बाजारों में गणेशोत्सव की रौनक साफ दिखाई दे रही है. सजावट के सामान, आकर्षक लाइटिंग और रंग-बिरंगे डेकोरेटिव आइटम्स के बीच इस बार सबसे ज्यादा चर्चा पर्यावरण के अनुकूल यानी इको-फ्रेंडली सिंहासनों की हो रही है.

मुंबई में इको-फ्रेंडली गणपति सिंहासनों की धूम

मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग इलाके की कई कार्यशालाओं में 150 से अधिक अलग-अलग थीम पर गणपति बप्पा के लिए विशेष सिंहासन तैयार किए जा रहे हैं. इन सिंहासनों को आधुनिक डिजाइन और पारंपरिक कला का सुंदर मिश्रण बनाकर तैयार किया गया है. खास बात यह है कि इनका निर्माण ऐसे रॉ मटेरियल से किया जा रहा है, जो विसर्जन के दौरान पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते.

कारीगरों के अनुसार सिंहासन बनाने में फोम, फूटा और एमडीएफ (MDF) जैसे पर्यावरण के अनुकूल मटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है. ये सामग्री पानी में आसानी से घुल-मिल जाती है और प्रदूषण फैलाने की संभावना भी काफी कम रहती है. यही वजह है कि इस बार श्रद्धालु भी इको-फ्रेंडली विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

सिंहासनों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए वॉटर फाउंटेन, वॉटर वॉल, एलईडी लाइटिंग और आधुनिक सजावटी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इन अनोखे डिजाइनों की वजह से कार्यशालाओं में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. कई श्रद्धालु अपनी पसंद के डिजाइन और रॉ मटेरियल का चयन कर विशेष ऑर्डर भी दे रहे हैं, ताकि बप्पा के लिए अनोखा और भव्य सिंहासन तैयार कराया जा सके.

कारीगरों का कहना है कि हर साल की तुलना में इस बार इको-फ्रेंडली सजावट की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ी है और वे धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं.

कुल मिलाकर इस बार मुंबई में गणेशोत्सव सिर्फ भक्ति और उत्साह का पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला उत्सव भी बनता नजर आ रहा है. श्रद्धालु बप्पा के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं और इको-फ्रेंडली पहल के जरिए समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं.

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भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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