सनातन धर्म के सबसे कठिन और फलदायी व्रतों में से एक ‘निर्जला एकादशी’ के बाद आज यानी 26 जून 2026, शुक्रवार को व्रत पारण का महापर्व है. आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है. एकादशी का व्रत जितना कठिन होता है, उसका पारण उतना ही नियम और निष्ठा से किया जाना जरूरी है, वरना पूरे व्रत का पुण्य निष्फल हो जाता है.
आज का दिन इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि शुक्रवार को मां लक्ष्मी और मां संतोषी की पूजा के साथ-साथ आकाश मंडल में ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ का महासंयोग बन रहा है. इस शुभ योग में किया गया पारण और दान-पुण्य आपके घर को धन-धान्य से भर देगा. आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग और पारण का सबसे सटीक समय.
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, निर्जला एकादशी व्रत का पारण आज सुबह 08:00 बजे से पहले-पहले कर लेना बेहद जरूरी है. शास्त्रों के अनुसार, द्वादशी तिथि के भीतर ही पारण करना सबसे उत्तम माना जाता है. आज पारण करने से पहले भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें, उन्हें पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें. इसके बाद गरीबों को जल से भरा घड़ा, सत्तू या मौसमी फलों का दान दें. फिर स्वयं तुलसी मिश्रित जल ग्रहण करके अपने व्रत को पूर्ण करें.
तिथि व वार: आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और दिन शुक्रवार है.
नक्षत्र: आज आकाश मंडल में विशाखा नक्षत्र रहेगा.
योग: आज सिद्ध योग के साथ-साथ ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ का निर्माण हो रहा है, जो हर कार्य को सफल बनाता है.
सूर्योदय व सूर्यास्त: आज सूर्योदय सुबह 05:54 बजे और सूर्यास्त शाम 07:13 बजे होगा.
चंद्रोदय व चंद्र राशि: चंद्रोदय दोपहर 04:35 बजे होगा और चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में ही गोचर करेंगे.
यदि आज आप कोई नया काम, खरीदारी या व्यापारिक सौदा करना चाहते हैं, तो पंचांग के अनुसार इन समयों का सदुपयोग करें:
सुबह का चौघड़िया: सुबह 05:25 बजे से सुबह 10:39 बजे तक (यह बेहद लंबा और शुभ समय है).
शाम का चौघड़िया: रात 09:53 बजे से रात 11:09 बजे तक (रात्रिकालीन कार्यों के लिए उत्तम).
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर के समय का सबसे सर्वोत्तम मुहूर्त भी आज आपके कार्यों को सिद्धि प्रदान करेगा.
पंचांग के अनुसार, आज के दिन कुछ ऐसे समय भी हैं जिनमें आपको कोई भी मांगलिक या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, अन्यथा काम बिगड़ सकता है:
राहुकाल (Rahu Kaal): सुबह 10:39 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक (इस समय कोई शुभ कार्य न करें).
यमगण्ड काल: दोपहर 03:53 बजे से शाम 05:38 बजे तक.
गुलिक काल: सुबह 07:10 बजे से सुबह 08:55 बजे तक.
चूंकि आज शुक्रवार है, इसलिए आज मां लक्ष्मी और संतोषी माता की कृपा पाने का अद्भुत दिन है. आज के दिन भूलकर भी खट्टा भोजन न करें और न ही किसी को खट्टी चीजें दान में दें. आज घर की सुख-समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें और सात्विक (बिना लहसुन-प्याज का) भोजन ही घर में बनाएं.
आपने आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 26 June 2026) पढ़ लिया है. धर्म, ज्योतिष और अध्यात्म से जुड़ी अन्य सभी प्रामाणिक खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें.
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