Pandit Pradeep Mishra Sehore News: मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में दशकों से चली आ रही ‘नवाबी होली’ की अवधारणा अब हमेशा के लिए बदल गई है. प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की घोषणा के बाद अब इसे आधिकारिक तौर पर ‘महादेव की होली’ के रूप में मनाया गया. पंडित मिश्रा ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से जुड़ना चाहिए, न कि गुलामी के प्रतीकों को ढोना चाहिए.
इतिहास के अनुसार, आजादी से पहले भोपाल के नवाब होली के दूसरे दिन सीहोर पहुँचकर लोगों के साथ रंग खेलते थे, जिसके कारण इसका नाम ‘नवाबी होली’ पड़ गया था. पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नवाबों के दौर से पहले यहाँ के नगरवासी शिवालयों में जाकर महादेव के साथ होली मनाते थे. उन्होंने इसी प्राचीन अवधारणा को पुनः जीवित करते हुए इसे ‘महादेव की होली’ का नाम दिया है.
सीहोर में अब यह उत्सव मथुरा और बरसाने की तर्ज पर मनाया जा रहा है. महादेव की होली की विशेषता यह है कि इसमें केवल गुलाल और फूलों का प्रयोग किया जाता है. यह होली छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर गुप्तेश्वर, पिपलेश्वर, और नर्मदेश्वर महादेव होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पर संपन्न हुई. श्रद्धालुओं ने केसरिया रंग और चंदन युक्त जल महादेव को समर्पित किया और ढोल-नगाड़ों के साथ ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा शहर गुंजायमान रहा.
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होली के इस पावन अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने दुनिया में जारी युद्ध की स्थितियों (मिडल ईस्ट संकट) पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि मैं स्वयं प्रतिदिन बाबा महादेव से विश्व शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. युद्ध से किसी का भला नहीं होने वाला है, देश बर्बाद हो रहे हैं. इसका सबसे बुरा असर बच्चों और व्यापारियों पर पड़ रहा है. जितना होना था हो गया, अब और युद्ध नहीं होना चाहिए.
पंडित मिश्रा ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने नजदीकी शिव मंदिरों में जाकर एक लोटा चंदन युक्त जल महादेव को अर्पित करें. उनके अनुसार, ‘महादेव की होली’ केवल रंगों का खेल नहीं बल्कि गुरु और महादेव के सानिध्य में बैठकर जीवन को खुशियों के रंगों से भरने का एक आध्यात्मिक जागरण है. सीहोर में हुआ यह बदलाव सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक माना जा रहा है. पंडित प्रदीप मिश्रा की इस पहल से न केवल एक पुरानी परंपरा वापस आई है, बल्कि विश्व शांति के उनके संदेश ने मानवता को जोड़ने का काम किया है.
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