आस्था

Vastu Tips: तांबे का सूर्य दिलाता है प्रसिद्धि, मिलता है व्यापार में लाभ और करियर में होती है तरक्की

Vastu Tips: कहते हैं सूर्यदेव की कृपा जिसके उपर हो जाए उसकी जिंदगी से सभी तरह के दुख और तकलीफ दूर हो जाते हैं. सूर्यदेव की कृपा दृष्टि पाने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं. इन्ही उपायों में से एक है तांबे से बने सूर्यदेव को घर में सही स्थान पर लगाना. वास्तु के अनुसार यह अनेक लाभ देने वाला माना जाता है. जिस घर में इसे लगाया जाता है वहां खुशहाली बनी रहती है.

तांबे का सूरज दिलाता है प्रसिद्धि

वास्तु के अनुसार सूर्यदेव की ऊर्जा की तरह ही तांबे का सूर्य भी बेहद प्रभावशाली है. यह बड़े और ताकतवर लोगों के साथ आपको जोड़ता है, जो आपके लिए लाभदायक रहता है. इसकी ऊर्जा के कारण आपका मानसिक विकास भी होता है. वहीं इसकी ऊर्जा की प्रबलता के कारण व्यापार और करियर में नए अवसर मिलते हैं. परिवार के लोगों के बीच आपसी सामंजस्य भी बना रहता है.

 इन लोगों को मिलता है विशेष लाभ

कला और साहित्य से जुड़े लोगों के लिए तांबे का सूर्य काफी लाभदायक रहता है. वहीं किसी भी तरह के रचनात्मक काम करने वालो के लिए भी यह विशेष तौर पर फलदायी है. पंडित सुधाशु तिवारी के अनुसार जीवन में सफल होना है तो अपने घर और कार्यक्षेत्र में तांबे का सूर्य सही दिशा में अवश्य लगाना चाहिए. उच्च अधिकारियों, व्यापारियों, मीडिया और कला जगत से जुड़े लोग के अलावा राजनीति में रुचि रखने वालों के लिए तांबे का सूर्य शुभ फलदाई होता है.

इसे भी पढ़ें: Astro Tips: कर्ज से मुक्ति दिलाएगा लाल गुलाब का यह उपाय, पैसों की होगी बरसात

इस दिशा में लगाएं तांबे का सूर्य

घर में पूर्व दिशा की ओर इसे लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है, लेकिन इसके लिए यह जरूरी है कि घर में पूर्व दिशा की ओर कोई दरवाजा या खिड़की नहीं हो. इस दिशा में तांबे का सूर्य लगाने से घर के लोगों के बीच आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं. वहीं अगर आपके घर का शौचालय और सीढ़ियां वास्तु के अनुसार सही दिशा में नहीं है तो इसे पूर्व दिशा में लगाने से बचें. क्योंकि इसके बुरे परिणाम मिलने की आशंका बनी रहती है.

कार्यक्षेत्र में मिलती है तरक्की

दुकान, कार्यालय या जहां आप काम कर रहे हों वहां तांबे का सूर्य लगाने पर व्यापार और करियर में तरक्की होती है. इसके असर से व्यवसाय में नए अवसर मिलते हैं तो नौकरी पेशा लोगों के पदोन्नति होने की संभावना भी बनती है.

Rohit Rai

Recent Posts

पेपर लीक और नकल पर नकेल! मध्य प्रदेश बना देश का पहला राज्य, चार महानगरों में गठित हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट

पेपर लीक और नकल जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने…

34 minutes ago

बुक रिव्यू: AI के दौर में मानवीय चेतना और संवेदनशीलता की पैरवी करती विनीत नायर की पुस्तक ‘इंसान पहले, मशीन बाद में’

मैं प्रसिद्ध लेखक विनीत नायर की पुस्तक 'इंसान पहले, मशीन बाद में' की समीक्षा कर…

1 hour ago

‘भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था रहेगा’: पीयूष गोयल का बड़ा बयान

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अगले दो दशकों से अधिक समय…

1 hour ago

खेलो इंडिया और खेल महासंघों को मजबूत करने के लिए 36,000 करोड़ रुपए से अधिक आवंटित- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 'एशियन गेम्स 2026' के भारतीय…

2 hours ago

क्या गृह सचिव ने मांगी बिना शर्त माफी? जानिए क्या है सुप्रीम कोर्ट का कानूनी नियम

गृह सचिव द्वारा सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगने की मीडिया खबरों पर स्पष्टीकरण…

2 hours ago

बुक रिव्यू: सुर्खियों और भ्रांतियों से परे सनातन धर्म का प्रमाणिक परिचय देती ‘Hinduism Beyond Headlines’

प्रो. हिमांशु राय और सुब्बू चिदंबरन की पुस्तक 'हिंदुइज्म बियॉन्ड हेडलाइन्स' का रिव्यू. वेदों, कर्म…

3 hours ago