आस्था

कालसर्प योग में भी कैसे पाएं सफलता? जानिए ये 7 उपाय

Kalsarp Yog Impact And Remedies: कालसर्प योग दो शब्दों काल यानी समय और सर्प यानी सांप का का संयोजन है. इसे अशुभ माना जाता है. ये कई चुनौतियों, रुकावट और संकट का कारण होता है. इससे आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याएं होता है. हालांकि, कालसर्प योग वाले सभी जातकों पर इसका समान प्रभाव नहीं पड़ता. इसका प्रभाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि किस भाव में कौन सी राशि स्थित है, उसमें कौन सा ग्रह बैठा है, और उनका बल कितना है. इस कारण केवल कालसर्प योग की जानकारी से भयभीत होने की जरूरत नहीं है. इसके कई उपाय हैं जिन्हें अपनाने से इसके प्रभाव से बचा जा सकता है.

क्या है कालसर्प योग? (What Is Kalsarp Yog)

यह योग तब उत्पन्न होता है जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं, जो सांप की कुंडली में बंधा हुआ सा दिखाई देता है. कालसर्प योग व्यक्ति की जन्म कुण्डली से जुड़ा होता है. भारतीय ज्योतिष में राहु और केतु को छायाग्रह माना जाता है जो चंद्रमा के आवृत्ति और सूर्य की आकाशीय पथ के कटान बिंदु हैं. जब सभी सात प्रमुख ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं, तो इसे कालसर्प योग माना जाता है.

भयभीत होने की जरूरत नहीं

बल्कि इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करवाकर इसके प्रभावों की विस्तृत जानकारी हासिल करना ही बुद्धिमत्ता है. जब असली कारण ज्योतिषीय विश्लेषण से स्पष्ट हो जाए, तो समय से उपाय करना चाहिए. कालसर्प योग के प्रभावों को कम करने के लिए ज्योतिषीय विश्लेषण के बाद उचित उपाय करना आवश्यक है. इससे आप अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं.

कालसर्प योग के उपाय और समाधान (Remedies Is Kalsarp Yog)

कालसर्प योग तब बनता है जब किसी व्यक्ति की जन्म कुण्डली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं. यह योग हमेशा खराब नहीं होता, बल्कि इसके कुछ उपायों से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है.

  • पहले भाव में राहु और सातवें भाव में केतु होने पर चांदी की ठोस गोली अपने पास रखें.
  • दूसरे भाव में राहु और आठवें भाव में केतु होने पर दो रंग या ज्यादा रंग वाला कंबल मंदिर में रखें.
  • तीसरे भाव में राहु और नौवें भाव में केतु होने पर बाएं हाथ की कनिष्ठा उंगली में सोने का छल्ला पहनें और चने की दाल बहते पानी में बहाएं.
  • चौथे भाव में राहु और दसवें भाव में केतु होने पर अपने मकान की छत पर जल भरकर रखें और चांदी की डिब्बी में शहद भरकर घर के बाहर जमीन में दबा दें.
  • पांचवें भाव में राहु और ग्यारहवें भाव में केतु होने पर चांदी का ठोस हाथी घर में रखें.
  • छठे भाव में राहु और बारहवें भाव में केतु होने पर बहन की सेवा करें और कुत्ता पालना अच्छा है.

ये भी पढ़ें: संभलकर! बेल्ट से कम हो सकती फर्टिलिटी, जानें पहनने का सही तरीका

Disclaimer: काल सर्प योग (Kalsarp Yog) को लेकर यहां दी गई जानकारी विभिन्न माध्यमों से ली गई है. हम यहां किसी तरह से ज्योतिष ऐलान नहीं करते हैं और न ही इस तरह की कोई सलाह देते हैं. हमारा उद्देश्य विभिन्न स्रोतों से जानकारी लाकर आप तक पहुंचाना है. भारत एक्सप्रेस किसी भी तरह से अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता है. धर्म और आस्था से जुड़े अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

ब्रज की आध्यात्मिक विरासत और विकास पर केंद्रित: बरसाना में ‘ललिता कुंज’ टाउनशिप का शुभारंभ, सुनील शेट्टी ने की शिरकत

नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में बॉलीवुड अभिनेता ने ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक और…

6 hours ago

दिल्ली-NCR सहित कांपी उत्तर भारत की धरती, महसूस हुए भूकंप के झटके

दिल्ली-NCR और पूरे उत्तर भारत में रात 10:23 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए.…

6 hours ago

काशी में ‘पाकिस्तानेश्वर’ महादेव मंदिर का बदला नाम, सिंधी समाज के विरोध के बाद अब कहलाएंगे ‘सिंधु गंगेश्वर’

वाराणसी के छोटी शीतला घाट स्थित शिव मंदिर का नाम 'पाकिस्तानेश्वर' से बदलकर 'सिंधु गंगेश्वर…

6 hours ago

आसमान में तैनात होगा भारत का स्वदेशी ‘जासूस’, DRDO ने HAPS एयरशिप का किया कामयाब ट्रायल

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…

7 hours ago

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम केविन रुड बोले- वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत, पीएम मोदी के हुए मुरीद

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…

7 hours ago

योगी सरकार का सोलर कमाल: 2,942 मेगावाट पहुंची रूफटॉप क्षमता, ‘PM सूर्य घर योजना’ में उत्तर प्रदेश नंबर-1

उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…

8 hours ago