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‘इतिहास आपके साथ…’, अगरकर की विदाई पर गंभीर की एक लाइन ने खींचा ध्यान

Ajit Agarkar Farewell: अजीत अगरकर के चीफ सेलेक्टर पद से हटने के बाद उन्हें विदाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया है. इसी कड़ी में टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का संदेश सबसे ज्यादा चर्चा में है. गंभीर ने अगरकर के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखा और उनकी सोच तथा फैसलों की खुलकर तारीफ की.

गंभीर ने अपने संदेश में लिखा कि अगरकर के साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही. उन्होंने अगरकर के कार्यकाल में मिली तीन ICC ट्रॉफियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सफलताएं उस सोच की गवाही देती हैं, जिसमें हमेशा टीम को सबसे ऊपर रखा गया. इसके साथ ही गंभीर ने एक ऐसी लाइन लिखी, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया, “इतिहास आपके साथ ज्यादा नरमी बरतेगा.”

गंभीर ने क्यों कही ये बात?

अगरकर के कार्यकाल में टीम इंडिया ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन इस दौरान चयन को लेकर सवाल भी उठते रहे. कुछ खिलाड़ियों के चयन, कुछ को टीम से बाहर रखने और अलग-अलग फैसलों पर क्रिकेट जगत में बहस होती रही. गंभीर के संदेश का मतलब यही माना जा रहा है कि किसी चयनकर्ता के फैसलों का सही आकलन तुरंत नहीं किया जा सकता.

समय गुजरने के बाद जब उन फैसलों को टीम की सफलता के साथ जोड़कर देखा जाएगा, तब तस्वीर शायद अलग नजर आएगी. और अगरकर के कार्यकाल के खाते में तीन ICC ट्रॉफियां हों, तो उनके फैसलों का बचाव करने के लिए यह उपलब्धि काफी मजबूत आधार बन जाती है.

‘टीम सबसे पहले’ वाली सोच की तारीफ

गंभीर ने अगरकर की सबसे बड़ी खूबी उनके फैसलों से ज्यादा उनकी सोच को बताया. उन्होंने लिखा कि अगरकर ने हमेशा “Team first and Team ahead” को प्राथमिकता दी. यानी खिलाड़ियों की लोकप्रियता या बाहरी दबाव से ज्यादा टीम के हित को महत्व दिया गया.

चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी आसान नहीं होती. हर फैसला सभी को पसंद आए, यह संभव नहीं है. ऐसे में गंभीर का सार्वजनिक तौर पर अगरकर की सोच का समर्थन करना काफी मायने रखता है.


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अगरकर और गंभीर ने भारतीय क्रिकेट के एक सफल दौर में साथ काम किया. अब अगरकर के पद से हटने के साथ इस साझेदारी का एक अध्याय जरूर खत्म हो गया है. गंभीर ने अंत में उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए धन्यवाद कहा. लेकिन उनके पूरे संदेश की सबसे यादगार बात वही एक लाइन रही- “History will be kinder to you.”

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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