Rinku Singh emotional post father: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारत ने हिस्ट्री रिपीट और डिफेंड की है. रविवार (8 मार्च) को टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड (India vs New Zealand Final) को हराकर अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इतिहास रच दिया. पूरी टीम ट्रॉफी के साथ जश्न मनाते दिखी और सभी खिलाड़ियों ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए ट्रॉफी के साथ ग्राउंड के चक्कर भी लगाए. लेकिन इस सब के बीच एक भावुक तस्वीर ने सभी का मन मोह लिया. जब कप्तान सूर्याकुमार यादव ने रिंकू सिंह (Rinku Singh) के हाथ में ट्रॉफी थमाई और पूरी टीम उनके पीछे चलती नजर आई. इस दृश्य ने सबकी आंखों में पानी ला दिया था.
हालांकि इस पूरे वर्ल्ड कप में रिंकू सिंह ने जो योगदान दिया है, उसको हमेशा के लिए याद किया जाएगा.
मुद्दत के बा’द ख़्वाब में आया था मेरा बाप
और उस ने मुझ से इतना कहा ख़ुश रहा करो
अब्बास ताबिश साहब का ये शेर उस वक्त एकदम सटीक बैठता है, जब भारत के फिनिशर बल्लेबाज रिंकू सिंह पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था और उन्होंने अपने दुख को एक तरफ रखकर टीम इंडिया के लिए अपना फर्ज निभाया. रिंकू ने कहा कि पापा ने सिखाया था कि फर्ज सबसे आगे है और मैंने वही किया.
विश्व कप के बीच में 24 फरवरी को रिंकू सिंह के पिता की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई थी. उन्हें तत्काल ग्रेटर नोएडा के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने के चलते वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. उस समय रिंकू चेन्नई में टीम कैंप का हिस्सा थे. जैसे ही उन्हें इस बारे में जानकारी मिली, उन्होंने बिना देर किए पिता से मिलने नोएडा का रुख किया.
लेकिन उसके बाद 27 फरवरी को एक दुखद खबर सामने आई. रिंकू के पिता खानचंद्र सिंह ने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. उनके पिता के निधन के बाद ये अटकलें लगाई गईं कि रिंकू टीम से फिर से नहीं जुड़ेंगे. हालांकि सुपरस्टार रिंकू सिंह ने अपने पिता की बात याद रखी और देश के लिए अपना फर्ज निभाते हुए टीम में वापसी की.
आज (10 मार्च) को सोशल मीडिया पर रिंकू सिहं ने अपेन पिता को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट शेयर किया. रिंकू ने लिखा, “आपसे बात किये बिना इतने दिन कभी नहीं निकले. मुझे नहीं पता, आगे की जिंदगी आपके बिना कैसे चलेगी, पर मुझे हर कदम पर आपकी जरूरत पड़ेगी. आपने सिखाया था कि फर्ज सबसे आगे है. तो फील्ड पर बस आपका सपना पूरा करने की कोशिश कर रहा था. अब आपका सपना पूरा हो गया है. तो बस यही लगता है कि काश आप मेरे पास होते. हर छोटी बड़ी खुशी में आपकी कमी खुलेगी. बहुत मिस करूंगा आपको पापा…बहुत ज्यादा.”
पिछले टी20 वर्ल्ड कप में रिंकू सिंह को भारतीय टीम के मुख्य स्क्वॉड में जगह नहीं मिली थी और उन्हें ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर रखा गया था. हालांकि 2026 में उन्हें टीम में मौका मिला और उन्होंने अपने करियर का पहला टी20 वर्ल्ड कप खेला.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट में रिंकू सिंह ने पांच मैचों में हिस्सा लिया. इन मुकाबलों में उन्होंने 24 रन बनाए, जहां उनका औसत आठ और स्ट्राइक रेट 82.75 रहा. आंकड़े भले बड़े न हों, लेकिन टीम के साथ इस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनना उनके करियर के लिए एक खास उपलब्धि रहा. रिंकू सिंह की यह कहानी वाकई दिल को छू लेने वाली है. एक खिलाड़ी के लिए अपने पिता को खोने के बाद मैदान पर उतरना और देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना बहुत बड़ी बात होती है.
-भारत एक्सप्रेस
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