प्रतीकात्मक तस्वीर.
एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने PF क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. अब कर्मचारियों को नाम वेरिफिकेशन के लिए कैंसिल चेक या बैंक पासबुक की इमेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके साथ ही, जब कोई कर्मचारी PF खाता खोलता है, तो UAN में बैंक सीडिंग के लिए अब एम्प्लॉयर की अप्रूवल की भी आवश्यकता नहीं है. EPFO सदस्य अब आधार OTP के माध्यम से बैंक खाता संख्या और IFSC कोड को वेरिफाई कर सकते हैं.
वित्त वर्ष 2024-25 में 1.3 करोड़ सदस्यों ने बैंक सीडिंग के लिए रिक्वेस्ट की थी, लेकिन इसमें एम्प्लॉयर की मंजूरी में औसतन 13 दिनों की देरी हो रही थी. अब EPFO सदस्य अपने आधार OTP के जरिए बैंक अकाउंट और IFSC कोड को आसानी से वेरिफाई कर सकते हैं.
बैंक सीडिंग प्रक्रिया में, कर्मचारी अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को बैंक अकाउंट से लिंक करते हैं. इस प्रक्रिया के बाद, EPFO कर्मचारी के बैंक खाते में PF निकासी, पेंशन और ब्याज ट्रांसफर करता है.
क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में बदलाव का ट्रायल 28 मई 2024 से शुरू हुआ था. पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1.7 करोड़ कर्मचारियों ने इसका लाभ लिया. अब यह सुविधा सभी EPFO सदस्य के लिए उपलब्ध है.
EPFO मेंबर्स जल्द ही UPI और ATM के माध्यम से अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे. इसके लिए EPFO सदस्य को डेबिट कार्ड की तरह एक कार्ड जारी किया जाएगा, जिससे वे ATM से पैसे निकाल सकेंगे. इसके अलावा, UPI के माध्यम से वे अपने PF बैलेंस को चेक कर पाएंगे. यह सुविधा मई या जून 2024 तक शुरू होने की संभावना है.
सुमिता डावरा ने बताया कि इस नए कदम का उद्देश्य देश के कर्मचारियों को वित्तीय लचीलापन प्रदान करना है. EPFO ने 120 से अधिक डेटाबेस को एकीकृत करके अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया है, जिससे क्लेम की प्रक्रिया को केवल तीन दिन में पूरा किया जा सकता है. अब 95% क्लेम ऑटोमेटेड हो गए हैं.
EPFO अपने सदस्य को एक विशेष ATM कार्ड प्रदान करेगा, जो उनके PF अकाउंट से लिंक होगा. इस कार्ड के जरिए सदस्य सीधे ATM से अपना PF निकासी कर सकेंगे. UPI के माध्यम से PF निकासी के लिए सदस्य को अपने PF अकाउंट को UPI से लिंक करना होगा. इसके बाद, वे अपने PF का पैसा बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे.
नौकरी छोड़ने के बाद एक माह के भीतर कर्मचारी 75% तक PF का पैसा निकाल सकते हैं. इसके बाद, बचे हुए 25% को दो महीने बाद निकाला जा सकता है. यह सुविधा बेरोजगारी के दौरान कर्मचारियों को आर्थिक मदद देने के लिए है.
यदि कर्मचारी किसी कंपनी में पांच साल की सेवा पूरी कर लेता है और PF निकालता है, तो उस पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. लेकिन यदि पांच साल से पहले 50,000 रुपए से अधिक की राशि निकाली जाती है, तो उस पर 10% TDS कटेगा. अगर कर्मचारी के पास पैन कार्ड नहीं है तो 30% TDS कटेगा. हालांकि, फॉर्म 15G/15H जमा करने पर TDS नहीं काटा जाएगा.
EPFO की नई प्रक्रियाओं से PF निकासी और प्रक्रिया को और भी सरल और तेज बना दिया गया है, जिससे कर्मचारियों को वित्तीय लचीलापन मिलेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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