उत्तर प्रदेश

काउंटिंग हुई तो उड़े होश! तन्हाई बैरक की खिड़की तोड़ी, कंबल की रस्सी बनाई और दीवार फांदकर उड़ गए दो शातिर कैदी

रिपोर्ट- मनमीत गुप्ता


अयोध्या के जिला जेल से एक ऐसी खबर आई है जिसने ना सिर्फ पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोलकर रख दी है. यहां ‘तन्हाई बैरक’ (सोलिटरी कन्फाइनमेंट) में बंद दो शातिर कैदी फिल्मी स्टाइल में दीवार फांदकर फरार हो गया. इस वारदात के बाद से ही जेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और शासन ने भी सख्त एक्शन लेते हुए जेलर और अधीक्षक समेत 6 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है.

कैसे दिया वारदात को अंजाम?

यह पूरी घटना किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी लगती है. फरार हुए कैदियों की पहचान अमेठी के सूरज अग्रहरि उर्फ गोलू और सुल्तानपुर के शेर अली के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि इन दोनों ने पहले बड़ी चालाकी से तन्हाई बैरक की खिड़की तोड़ी. इसके बाद, जेल की ऊंची बाउंड्री को पार करने के लिए इन्होंने कंबलों का सहारा लिया. कंबलों की रस्सी बनाकर ये दीवार फांद गए और सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी.

गिनती के वक्त खुला राज

हैरानी की बात यह है कि कैदी रात में ही फरार हो गए थे, लेकिन जेल प्रशासन को इसकी कानो-कान खबर नहीं हुई. मामला तब खुला जब सुबह कैदियों की गिनती शुरू हुई. दो कैदियों को कम पाकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. जांच में पता चला कि सूरज अग्रहरि ‘हत्या के प्रयास’ जैसे संगीन मामले में बंद था, वहीं शेर अली ‘बलात्कार’ के आरोप में जेल की हवा खा रहा था. ऐसे खतरनाक अपराधियों का भागना इलाके के लिए भी बड़ा खतरा माना जा रहा है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी सरकार ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है. ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर और वार्डन समेत कुल 6 लोगों को निलंबित कर दिया गया है. डीआईजी जेल एस.के. मैत्रीये खुद मौके पर पहुंचे और बारीकी से छानबीन की. सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा वाली बैरक से खिड़की तोड़कर भागने में ये कामयाब कैसे हुए? क्या इसमें किसी अंदरूनी मिलीभगत की गुंजाइश है?

पूरे इलाके में तलाश जारी

फिलहाल, अयोध्या पुलिस और जेल प्रशासन की कई टीमें फरार कैदियों की तलाश में जुटी हैं. जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है और अमेठी-सुल्तानपुर समेत संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दोनों कैदी फिर से सलाखों के पीछे होंगे, लेकिन इस घटना ने जेलों की ‘हाई-टेक’ सुरक्षा के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान जरूर लगा दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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