उत्तर प्रदेश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ‘चंपत राय और अनिल मिश्रा ने कब और क्यों दिया इस्तीफा?’, सपा नेता तेज नारायण पांडे ने उठाए सवाल

Ayodhya Ram Mandir donation case: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा (दान) से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यमंत्री तेज नारायण पांडे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने ट्रस्ट से सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की है कि ट्रस्ट के पदाधिकारी चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने यदि इस्तीफा दिया है, तो वह कब, क्यों और किन परिस्थितियों में दिया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी तथ्य देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामने रखे जाने चाहिए.

गोविंद देव गिरी महाराज की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए- सपा नेता तेज नारायण पांडे

प्रेस वार्ता के दौरान पवन पांडे ने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले में ट्रस्ट की भूमिका सवालों के घेरे में है. उन्होंने कहा कि 5 जून को ट्रस्ट की ओर से पहली बार आरोपियों के यहां छापेमारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई. उनके अनुसार, यदि मामला मंदिर के कोष से जुड़ा था तो ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए. सपा नेता ने कहा कि जब मंदिर के कोष में कथित रूप से गड़बड़ी हो रही थी, तब कोषाध्यक्ष की भूमिका निष्क्रिय रही. उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद जिम्मेदार पदाधिकारी सक्रिय नहीं दिखे. पवन पांडे ने सर्वोच्च न्यायालय से मांग की कि यदि ट्रस्ट के पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पाए हैं तो उन्हें ट्रस्ट से हटाकर सक्रिय और जवाबदेह लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जाए.

यह भी पढ़ें: हाथ धोकर अखिलेश के पीछे पड़े ओपी राजभर: कभी कहा ‘राजा बाबू’ तो कभी ‘जलेबी’, अब क्या बोल दिया?

प्रमुख चेहरों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए

उन्होंने अयोध्या बार एसोसिएशन द्वारा इस मामले में लिए गए निर्णय का भी स्वागत किया. पवन पांडे ने कहा कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव जैसे प्रमुख चेहरों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके. सपा नेता ने इस पूरे प्रकरण की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी वित्तीय मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जांच के जरिए ही सच्चाई सामने आएगी और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

Recent Posts

लोकेशन के आधार पर टैक्स तय नहीं हो सकता, बेंगलुरु फाइव-स्टार होटल पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने बेंगलुरु के फाइव-स्टार होटलों पर समान प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था को बरकरार रखा…

17 minutes ago

सोने की शॉपिंग का नया ठिकाना पाकिस्तान? जानें भारत लाने के कड़े नियम और भाव में अंतर

Gold Price in Pakistan: पड़ोसी देश पाकिस्तान में सोना भारत के मुकाबले करीब 20,000 रुपए…

21 minutes ago

वकीलों को धमकी देने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट 6 नवंबर को करेगा सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट वकीलों को धमकी देने और पुलिस प्रदर्शन के मामले में एसीपी मनस्वी वशिष्ठ…

29 minutes ago

अग्निपथ योजना में बदलाव! CDS ने रखा नया 25-75 का फॉर्मूला, कितना मिला सेवा विस्तार?

Agnipath Scheme Update: भारतीय सशस्त्र बलों में 'अग्निपथ योजना' के तहत सेवा दे रहे अग्निवीरों…

47 minutes ago

CEC और EC की कानूनी छूट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; आरजेडी सांसद मनोज झा की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी छूट देने वाले कानून…

50 minutes ago

आंध्र प्रदेश में दो चक्रवातों से भारी तबाही, पीएम मोदी ने CM चंद्रबाबू नायडू से फोन पर लिया हालात का जायजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को फोन…

57 minutes ago