उत्तर प्रदेश

Hapur News: दबंगों ने पंचायत कर दुष्कर्म का मामला दबाने की कोशिश की, लेटर पैड पर हुआ दुष्कर्मी के गुनाह का फैसला!

Hapur News: बलात्कार की सजा कोर्ट में नहीं पंचायत में भी तय की जा सकती है. मामला हापुड के हाफिजपुर थाना क्षेत्र का है, जहां जिला पंचायत सदस्य के लेटर पेड पर फैसले का फरमान सुना दिया. वहीं, पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि करीब एक वर्ष पूर्व वह गांव में खेत किराये पर लेकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था. उसका काम के चलते बाहर आना जाना लगा रहता था. इसी बीच गांव के दबंग व्यक्ति ने उसकी बेटी को डरा धमका कर उसके साथ कई माह तक रेप किया.

घटना की जानकारी परिवार वालों को हुई तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की. मगर गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने पंचायत कर रेप की घटना का फैसला जिला पंचायत सदस्य के लेटर पैड़ पर करा दिया. घटना के बाद पीड़ित ने अपनी बेटी की भी शादी कर दी. जिसके बाद भी दबंगों को उसका व उसके परिवार का उत्पीड़न करना बंद नही किया. बल्कि पीड़ित युवती की उसके ससुराल पक्ष के लोगों में बदनाम कर शादी भी तुड़वा दी. जिसके बाद पीड़ित पिता ने अपनी बेटी की शादी दूसरी जगह कर दी और गांव से भी पलायन कर दिया.

दबंगों ने घटना को दबाने का प्रयास किया

दबंगों ने पंचायत में भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर घटना को दबाने का प्रयास किया और न्याय की जगह समझौता कराने में कामयब रहे. लेकिन इस घटना के बाद भी दबंगों का अत्याचार नहीं रुका.

पीड़ित परिवार लगा रहा न्याय की गुहार

पीड़ित के अनुसार, कुछ दिन पहले जब उसकी पत्नी खेत में सब्जी तोड़ रही थी,तब भी आरोपी ने उसके साथ भी रेप करने का प्रयास किया. अब यह पीड़ित परिवार पिछले एक सप्ताह से न्याय के लिए पुलिस अफसरों के कार्यालयों में चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिल पाया है. वह बार-बार अधिकारियों के दफ्तर में न्याय की गुहार लगा रहा है कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई की जाए और आरोपियों को सजा मिले.

दबंगों के खौफ के कारण गांव भी छोड़ दिया

पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और लगातार उन्हें धमकियां दे रहे हैं. दबंगों के खौफ के कारण उसने गांव भी छोड़ दिया है. अब सवाल यह उठता है कि क्या पंचायत को ऐसे गंभीर मामलों का फैसला करने का हक है?

अदालत में कानून की देवी की आंखों में बंधी पटटी भी खुल गई है, लेकिन जिले में हाफिजपुर थाना पुलिस ने पटटी जरुर बांध रखी है. अब ऐसे में सवाल उठा है क्या दुष्कर्म और छेड़छाड़ के पीड़ितों को पंचायत के सहारे छोड़ देना न्यायसंगत है? पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस को जल्द से जल्द कदम उठाने की जरूरत है ताकि दोषियों को सजा मिले और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.

  • भारत एक्सप्रेस
Vikas Shukla

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