रिपोर्ट- रवि कुमार
लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण की कोशिश का जो मामला सामने आया था, उसमें अब पुलिस की जांच एक बेहद चौंकाने वाले मोड़ पर आ खड़ी हुई है. आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक से पुलिस की 48 घंटे की रिमांड खत्म हो गई है, लेकिन इन दो दिनों की पूछताछ में जो राज फाश हुए हैं, वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं.
पुलिस ने रमीज को रिमांड पर लेकर किसी गोपनीय जगह पर शिफ्ट किया था ताकि सुरक्षा और गोपनीयता बनी रहे. सूत्रों की मानें तो पुलिस और STF ने मिलकर आरोपी पर 120 से ज्यादा सवालों की बौछार कर दी. डॉक्टर साहब से जब पीड़िता के साथ संबंधों पर सवाल हुआ, तो उन्होंने माना कि वे संपर्क में थे और मुलाक़ातें भी होती थीं. लेकिन जैसे ही बात ‘धर्मांतरण के दबाव’ पर आई, रमीज ने चुप्पी साध ली. आगरा के डॉ. परवेज से अपने कनेक्शन और नेपाल सीमा तक फैले अपने नेटवर्क पर भी आरोपी ने पुलिस को सीधा जवाब देने के बजाय गोल-मोल घुमाया.
जांच में सबसे सनसनीखेज खुलासा रमीज के दो लैपटॉप से हुआ है. बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले 13 सालों से अपनी हर छोटी-बड़ी हरकत का डिजिटल रिकॉर्ड रख रहा था. पुलिस को लैपटॉप में ‘जन्नत’ नाम का एक फोल्डर मिला है, जिसमें कई हिंदू लड़कियों के नंबर, उनकी फोटो और आपत्तिजनक वीडियो रखे गए थे.
हैरानी की बात यह है कि रमीज के पास से 50 से ज्यादा युवतियों के वीडियो मिले हैं. इनमें उसकी पहली पत्नी से लेकर कई अन्य लड़कियां शामिल हैं. पुलिस को शक है कि इन वीडियो का इस्तेमाल वह लड़कियों को ब्लैकमेल करने और उन पर धर्मांतरण का दबाव बनाने के लिए करता था. लैपटॉप में ‘कॉल गर्ल्स’ की एक लंबी लिस्ट भी मिली है. सूत्रों का दावा है कि वह इस नेटवर्क का इस्तेमाल मुस्लिम युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए भी करता था.
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि रमीज नशे का आदी है और नशे की हालत में ही वह ऐसी संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देता था. केजीएमयू के ‘मेडिकोज ग्रुप’ के जरिए उसने छात्रों के बीच अपनी पैठ बना रखी थी. जब केस दर्ज हुआ, तो वह पुलिस से बचने के लिए दिल्ली भागा और वहां अपने दोस्तों को झूठ बोलकर उनके पास रुका. रिमांड के दौरान उसने तीन ऐसे मददगारों के नाम उगले हैं, जिन्होंने फरारी के दौरान उसकी मदद की थी.
यौन शोषण की शिकार पीड़िता ने रमीज से सामना करने से साफ इनकार कर दिया है. वह बुरी तरह सहमी हुई है. वहीं, रमीज ने पूछताछ में अपने माता-पिता का बचाव किया है. उसने दावा किया कि धर्मांतरण के दबाव में उसके परिवार की कोई भूमिका नहीं है. हालांकि, पुलिस इस थ्योरी पर यकीन नहीं कर रही है और हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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