उत्तर प्रदेश

क्या है KGMU का पूरा विवाद? रेजिडेंट डॉक्टरों ने पैथोलॉजी विभाग पर लगाया गंभीर आरोप

रिपोर्ट- रवि


लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़ा एक मामला इन दिनों काफी चर्चा में है. यह मामला एक रेजिडेंट डॉक्टर से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर आज (गुरुवार) को विश्वविद्यालय स्तर पर गंभीर बैठक भी हुई. बैठक में डॉक्टरों, प्रशासन और कुलपति (VC) के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसमें कई आरोप और चिंताएं सामने रखी गई है.

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के मुताबिक, KGMU के कुछ रेज़िडेंट डॉक्टरों ने पैथोलॉजी विभाग को लेकर गंभीर आरोप लगाया हैं. डॉक्टरों का कहना है कि विभाग के अंदर कथित तौर पर धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं. यह आरोप भी लगाया गया कि इसमें सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारियों और छात्रों को भी धीरे-धीरे “रेडिकलाइज” किया जा रहा था.

डॉक्टरों ने बैठक में यह बात साफ तौर पर रखी कि लैब के अंदर, काम के दौरान ही, चुपचाप धार्मिक तकरीरें (धार्मिक बयान या प्रवचन) कराए जा रहे थे. उनका कहना है कि यह सब बिना किसी आधिकारिक अनुमति के और बेहद गोपनीय तरीके से किया जा रहा था, जिससे कई लोग असहज महसूस कर रहे थे.

VC को दी गई पूरी जानकारी

रेज़िडेंट डॉक्टरों ने कुलपति को बताया कि यह सिर्फ अफवाह नहीं है, बल्कि कई लोगों ने खुद ऐसी गतिविधियां देखी और सुनी हैं. डॉक्टरों का कहना था कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो इसका असर मेडिकल माहौल, पढ़ाई और संस्कृति पर पड़ सकता है.

बैठक के दौरान VC ने डॉक्टरों की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि संस्थान के भीतर किसी भी तरह की अनधिकृत या संवेदनशील गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. VC ने तत्काल प्रभाव से ऐसी किसी भी गतिविधि पर रोक लगाने का आश्वासन दिया.

HOD पर लगा आरोप

डॉक्टरों ने एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पैथोलॉजी विभाग के HOD, वाहिद अली, इस पूरे कथित धर्मांतरण नेटवर्क के मुख्य किरदार बताए जा रहे हैं. आरोप है कि वह ना सिर्फ खुद इसमें शामिल थे, बल्कि अन्य लोगों को भी इससे जोड़ रहे थे. हालांकि, यह आरोप अभी प्रारंभिक स्तर पर हैं और प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी.

फिलहाल KGMU प्रशासन ने संकेत दिया हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. विश्वविद्यालय का कहना है कि KGMU एक शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थान है, जहां राजनीति, धर्म या किसी भी तरह के दबाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए.

ये भी पढें: सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई कातिल की आखिरी चाल; जानें पिपरिया मर्डर की पूरी इनसाइड स्टोरी

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

BCI परिसर में वकीलों पर हमला मामले में सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली पुलिस को जांच का आदेश, DCP रैंक का अधिकारी करेगा निगरानी

सुप्रीम कोर्ट ने 21 अगस्त 2026 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के परिसर में प्रदर्शन…

9 minutes ago

सुप्रीम कोर्ट में मामला पेंडिंग तो हाईकोर्ट क्या करे? यूथ कांग्रेस की याचिका पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस की ओर से दायर याचिका…

13 minutes ago

भगवंत मान के ओएसडी से जुड़े भ्रष्टाचार केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सीबीआई की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन और उनके…

15 minutes ago

सीमा पार से आ रही नशे की खेप, अनंतनाग में ताबड़तोड़ छापेमारी, 6 ड्रग तस्कर गिरफ्तार

Drug Smugglers Arrested Anantnag: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोमवार को बताया कि उन्होंने पिछले 24 घंटों…

32 minutes ago

51 लाख कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! EPFO का बड़ा ऐलान, अब 25,000 रुपये सैलरी वालों को भी मिलेगी पेंशन

EPFO Big News: EPFO ने पेंशन योजना (EPS) की अनिवार्य वेतन सीमा 15,000 रुपये से…

50 minutes ago