Manoj Pandey UP
Unchahar Mla Manoj Pandey: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज अपने कैबिनेट में विस्तार करते हुए 6 नए चेहरों को जगह दी. इनमें से एक चेहरा ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय का भी है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से बगावत कर भाजपा में आए मनोज को लोग प्यार से ‘काक्का’ बुलाते हैं. उनके इस सियासी प्रमोशन को बीजेपी का ब्राह्मणों को संदेश बताया जा रहा है.
मनोज पांडेय को मंत्रिमंडल में जगह देकर बीजेपी ने पिछले कुछ समय से ब्राह्मणों के बदले रुख को अपनी तरफ खींचने की कोशिश की है. दरअसल शंकराचार्य विवाद से लेकर कई अन्य मामलों को विपक्ष जमीन पर उतारकर यह संदेश देने की कोशिश कर रहा था कि बीजेपी के लिए अब ब्राह्मण उतने जरूरी नहीं रह गए हैं. विपक्ष के इस नैरेटिव को अब बीजेपी ने मनोज पांडेय को मंत्री बनाकर कुचलने का काम किया है.
मनोज पांडेय समाजवादी पार्टी में ब्राह्मणों का एक चेहरा थे. उनकी अखिलेश यादव की टीम में नंबर दो की हैसियत थी. लेकिन राज्यसभा में बीजेपी को सपोर्ट कर मनोज पांडेय ने सबको चौंका दिया.
मनोज पांडेय के इस बदले रुख से अखिलेश यादव तक खफा हो गए. मनोज पांडेय ने अचानक से सपा के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए. मनोज पांडेय का बीजेपी में जाना सपा के लिए एक बड़ा झटका था. मनोज की रायबरेली और अमेठी क्षेत्र में ब्राह्मण वोटों पर जबरदस्त पकड़ है. ऐसे में उन्हें इस वफादारी का बीजेपी ने मंत्री बनाकर इनाम दिया है.
पिछले कुछ महीनों में विपक्ष लगातार नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहा था कि योगी सरकार में सिर्फ ठाकुरों को प्राथमिकता दी जा रही है. वहीं ब्राह्मणों को हाशिये पर ले जाया जा रहा है. कभी विकास दुबे कांड को लेकर, तो कभी शंकराचार्य मामले पर विपक्ष लगातार ब्राह्मणों को बीजेपी के खिलाफ भड़काती रही. हालांकि बीजेपी हमेशा इसे नकारती रही.
मनोज पांडेय की ताकत उनकी अपने क्षेत्र के वोटरों पर जबरदस्त पकड़ है. उनका सिर्फ ऊंचाहार तक प्रभाव नहीं है बल्कि रायबरेली और अमेठी जैसी ब्राह्मण बाहुल्य इलाकों में भी जबरदस्त पैठ रखते हैं. ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है.
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सीएम योगी की टीम मे मनोज पांडेय की एंट्री से बीजेपी ने संदेश देने की कोशिश की है कि वो ब्राह्मणों से दूर नहीं जा सकती है. ब्राह्मण-ठाकुर संतुलन को बनाकर बीजेपी आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष को कुचलने की तैयारी कर ली है. अब देखना होगा कि अपनी इस नई पारी में कक्का कितने ब्राह्मण वोटों को बीजेपी के पाले में लाते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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