उत्तर प्रदेश

‘एक पेड़ मां के नाम’: यूपी की राजधानी लखनऊ में चला वृक्षारोपण अभियान, लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

देश भर में चल रहे पर्यावरण संरक्षण के महाअभियान के बीच, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित आवासीय परिसर ‘एमार गॉमती ग्रीन्स’ (Emaar Gomti Greens) में वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया. यह मेगा पौधारोपण अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) अभियान से प्रेरित होकर चलाया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों और स्थानीय निवासियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई.

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार महिलाएं, पुरुष और पर्यावरण प्रेमी घुटनों के बल जमीन पर बैठकर बड़ी शिद्दत से मिट्टी खोदकर नए पौधों को जीवन दे रहे हैं. अभियान के दौरान परिसर के खुले पार्कों और हरित पट्टियों में कई प्रकार के औषधीय, फलदार और छायादार पौधे रोपे गए. निवासियों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि अपनी मां के सम्मान में लगाए गए इन पेड़ों की नियमित देखरेख और संरक्षण का अटूट संकल्प भी लिया.

“वृक्ष धरा के भूषण हैं, करते दूर प्रदूषण हैं”

आयोजकों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कंक्रीट के जंगलों में तब्दील हो रहे शहरी क्षेत्रों में हरियाली का दायरा बढ़ाना और आने वाली पीढ़ी को एक शुद्ध, प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ वातावरण उपहार में देना है. इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि लगाए गए पौधों को पूर्ण वृक्ष बनने तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें.

पौधे लगाने के इस धरती को अनेक फायदे

ऑक्सीजन की प्रचुरता और वायु शुद्धि: पेड़ हमारे पर्यावरण के प्राकृतिक फेफड़े हैं. ये जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वायु प्रदूषण को कम करते हैं.

जल स्तर में सुधार: पेड़ों की जड़ें बारिश के पानी को जमीन के भीतर सोखने में मदद करती हैं, जिससे भूजल स्तर (Groundwater Level) में सुधार होता है और पानी का संकट टलता है.

ग्लोबल वार्मिंग से बचाव: तेजी से बढ़ते वैश्विक तापमान को नियंत्रित करने में हरियाली की सबसे बड़ी भूमिका है. पेड़ सूर्य की हानिकारक किरणों और गर्मी को सोखकर स्थानीय तापमान को 2 से 3 डिग्री तक कम रखते हैं.

मिट्टी के कटाव पर रोक: भारी बारिश या बाढ़ के समय पेड़ों की मजबूत जड़ें मिट्टी को कसकर बांधे रखती हैं, जिससे उपजाऊ मिट्टी का क्षरण (Soil Erosion) रुकता है.

जैव विविधता का संरक्षण: एक पेड़ कई तरह के पक्षियों, कीट-पतंगों और छोटे जीवों का प्राकृतिक आश्रय स्थल (घर) होता है. अधिक पेड़ लगाने से हमारी जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) संतुलित रहता है.

Bharat Express Desk

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