रिपोर्ट- अंबुज
मिर्जापुर में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन की तैयारी के बीच पुलिस ने सपा नेताओं को कार्यालय में ही रोक दिया. जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए जुटे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने लोहिया ट्रस्ट कार्यालय के गेट पर ही रोक दिया. इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली.
जानकारी के मुताबिक, सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे थे. जैसे ही कार्यकर्ता कार्यालय से बाहर निकलने लगे, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोक दिया. पुलिसकर्मियों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर मोर्चा संभाल लिया और कार्यकर्ताओं को बाहर जाने से मना कर दिया.
पुलिस की कार्रवाई के बाद सपा जिलाध्यक्ष समेत करीब दो दर्जन नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यालय परिसर में ही रोक दिया गया. बाहर निकलने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद कार्यालय के अंदर से ही सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी.
सपा नेताओं का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने के लिए कलेक्ट्रेट जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक दिया. वहीं, प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाया गया.
प्रदर्शन की सूचना को देखते हुए पुलिस ने कलेक्ट्रेट और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी. बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, जिसके चलते पूरा कलेक्ट्रेट परिसर छावनी जैसा नजर आया. अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती.
फिलहाल सपा कार्यकर्ता लोहिया ट्रस्ट कार्यालय में ही मौजूद रहे और पुलिस बल बाहर तैनात रहा. मामले को लेकर सपा नेताओं में नाराजगी देखने को मिली, जबकि पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखी.
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-भारत एक्सप्रेस
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