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Ram Asare Kushwaha Join SP: 13 साल बाद पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा ने बीजेपी को छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है.

मिर्जापुर में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने लोहिया ट्रस्ट कार्यालय के गेट पर ही रोक दिया.

Bhoomi Pujan SP-BJP controversy: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सड़क निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सपा और बीजेपी की दो विधायकों के बीच विवाद हो गया.

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि यह प्रक्रिया केवल मतदाता सूची सुधार नहीं, बल्कि देश की मूल संरचना को कमजोर करने की कोशिश है। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने जनता और सभी दलों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर जागरूक रहें और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करें।

उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल तब मच गई जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे अरसे बाद आमने-सामने मिले। लखनऊ में हुई यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि सपा परिवार में दोबारा एकजुटता का संकेत मानी जा रही है। आज़म खान ने धर्म के नाम पर डर फैलाने की राजनीति की आलोचना की और कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वे “मजबूत हिस्सेदार” बनेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मेल-मिलाप सपा के लिए आने वाले चुनावों में बड़ा असर डाल सकता है।

उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा Systematic Intensive Revision (SIR) की घोषणा के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। आयोग ने कहा है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए है, लेकिन सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश हो सकती है। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने SIR का स्वागत करते हुए कहा कि इससे केवल योग्य मतदाता ही सूची में रहेंगे। यूपी की राजनीति में SIR अब एक नया सियासी मुद्दा बन चुका है।

समाजवादी पार्टी के फतेहपुर जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पप्पू सिंह चौहान के खिलाफ यह कार्रवाई की. सोमवार को फतेहपुर में कुछ लोगों ने एक मकबरे को ध्वस्त किया था. इस घटना में पप्पू सिंह चौहान भी शामिल थे.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की टिप्पणी पर सपा विधायकों ने हंगामा किया, जिससे सदन स्थगित करना पड़ा. नेता प्रतिपक्ष ने बयान को विवादित बताया, जबकि सरकार ने सफाई दी.

सपा नेता शिवपाल यादव ने इटावा में कार्यकर्ताओं से भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट बनाने को कहा, ताकि सत्ता में आने पर उनसे ब्याज समेत वसूली की जा सके. उनके इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर सनातन धर्म के खिलाफ षडयंत्र रचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 29 जनवरी की घटना की गहन जांच होगी और षडयंत्रकारियों को बेनकाब किया जाएगा.