उत्तर प्रदेश

मुजफ्फरनगर में 16 साल बाद मिला इंसाफ, किसान की हत्या में पूर्व प्रधान समेत 2 को फांसी की सजा

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने 16 साल पुराने एक किसान की हत्या के मामले में पूर्व प्रधान सहित दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है. इसके साथ ही न्यायालय ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. फैसला आते ही दोनों अपराधियों को पुलिस अभिरक्षा में तुरंत जेल भेज दिया गया.

प्रधानी चुनाव की रंजिश में हुई थी हत्या

यह पूरा मामला तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव का है. साल 2010 में गांव के भीतर प्रधानी चुनाव को लेकर आपसी रंजिश चल रही थी. इसी दुश्मनी के चलते 24 अगस्त 2010 को किसान राजबीर सिंह की उस समय गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, जब वे अपने खेत पर रोजमर्रा का काम कर रहे थे. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी.

अज्ञात से शुरू हुई जांच में सामने आए थे 4 नाम

पिता की हत्या के बाद मृतक किसान राजबीर सिंह के बेटे प्रदीप ने तितावी थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश और विवेचना शुरू की, तो प्रधानी की रंजिश का कोण सामने आया. जांच के दौरान इस हत्याकांड में गांव के ही चार लोगों—सहदेव, प्रमोद, अमित और विपिन शर्मा के नाम उजागर हुए, जिसके बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.

दो आरोपियों की मुठभेड़ में हो चुकी है मौत

सरकारी अधिवक्ता राजीव शर्मा ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह मुकदमा करीब 16 साल तक अदालत में चला. ट्रायल के दौरान ही दो आरोपी अमित और विपिन शर्मा पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मारे जा चुके थे. बाकी बचे दो आरोपियों—सहदेव और प्रमोद के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC Third) के न्यायाधीश रवि दिवाकर के न्यायालय में सुनवाई चल रही था. इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी कुलदीप कुमार ने प्रभावी पैरवी की.

यह भी पढ़ें: आगरा के सर्व ओमेक्स मॉल में सनसनी! कार सवार नाबालिगों ने पार्किंग में फोड़े पटाखे, 4 हिरासत में

साक्ष्यों के आधार पर मिली सजा

सरकारी वकील के अनुसार, शासन और प्रशासन स्तर से इस संवेदनशील मामले की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी. पुलिस और अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष सभी गवाहों, बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को बेहद मजबूती से साबित किया. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सहदेव और प्रमोद को जघन्य अपराध का दोषी माना और उन्हें कानूनन मिलने वाली अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड से दंडित किया. पीड़ित परिवार ने इस फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि देर से ही सही, लेकिन न्याय की जीत हुई है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

Recent Posts

रांची में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का संवाद कार्यक्रम: शिक्षा, सामाजिक समरसता और विकसित भारत पर ज़ोर

प्रो. (डॉ.) शाहिद अख़्तर ने कहा— “शिक्षा से सशक्तिकरण, संवाद से एकता और समरसता से…

5 hours ago

यूपी में बीजेपी का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: एससी मोर्चा के 95 जिला अध्यक्ष घोषित

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने संगठनात्मक मजबूती के लिए एससी मोर्चा के 95 जिला अध्यक्षों…

7 hours ago

श्री विजयपुरम में नवरात्रि की धूम: उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा पहले ‘डांडिया महोत्सव’ में हुए शामिल, माता दुर्गा के सामने टेका मत्था

अंडमान-निकोबार की राजधानी श्री विजयपुरम के ITF मैदान में प्रथम डांडिया महोत्सव आयोजित हुआ. उपराज्यपाल…

7 hours ago

अंडमान-निकोबार में राज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने किया इंडियन ऑयल के बार्ज ‘MT IRIS’ का लोकार्पण

अंडमान-निकोबार के श्री विजयपुरम में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने इंडियन ऑयल के नए बार्ज…

8 hours ago

सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर भीषण हमला, 12 की मौत और 300 से ज्‍यादा घायल; 11 भारतीय भी चपेट में आए

Riyadh Airport Attack: सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद एयरपोर्ट पर भीषण हमला हुआ.…

9 hours ago