Noida Labor Protest Update: नोएडा/समीर आलम: नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर पिछले 48 घंटों से जो औद्योगिक तनाव सुलग रहा है, उसे शांत करने के लिए अब प्रशासन ने ‘सख्ती’ और ‘संवाद’ का डबल इंजन लगा दिया है. एक तरफ राज्य सरकार की हाईपॉवर कमेटी मजदूरों की सैलरी और ओवरटाइम बढ़ाने का आदेश जारी कर रही है, तो दूसरी तरफ रात के अंधेरे में जिलाधिकारी ने ठेकेदारों को अल्टीमेटम दे दिया है. बावजूद इसके, दादरी में शिव नादर यूनिवर्सिटी के बाहर कर्मचारियों का अचानक धरने पर बैठ जाना यह साबित करता है कि ग्राउंड जीरो पर स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है.
गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम ने देर रात आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों (Contractors) के साथ एक बेहद अहम और तल्ख बैठक की. इस बैठक में डीएम ने स्पष्ट और सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी भी एजेंसी या उसके कर्मचारियों द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में उपद्रव, तोड़फोड़ या अशांति फैलाई गई, तो उस एजेंसी को तुरंत ‘ब्लैकलिस्ट’ (काली सूची में दर्ज) कर दिया जाएगा और उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा.
इसके साथ ही, प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि शासन की नई गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन हर हाल में श्रमिकों के बैंक खातों में ही ट्रांसफर होना चाहिए. डीएम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों (Employers) दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें.
प्रशासन की इन सख्तियों के बीच ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र (जीटी रोड) से एक बड़ी खबर सामने आई. यहां स्थित ‘शिव नादर यूनिवर्सिटी’ (Shiv Nadar University) के सैकड़ों कर्मचारी वेतन वृद्धि और ओवर टाइम बढ़ाने की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए.
गौरतलब है कि कल ही मुख्यमंत्री द्वारा गठित हाईपॉवर कमेटी की बैठक में सैलरी बढ़ाने और ओवरटाइम ‘डबल’ (दोगुना) करने को लेकर आदेश जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर इसे लागू करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया. हालांकि, सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने कर्मचारियों से वार्ता कर उन्हें हाईपॉवर कमेटी के नए आदेशों का हवाला देकर समझा-बुझाकर धरना समाप्त करवा दिया.
शहर में किसी भी तरह की अफवाह को हिंसा में बदलने से रोकने के लिए नोएडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के सख्त निर्देशों पर पूरे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पुलिस बल ने भारी दल-बल के साथ पैदल मार्च (Flag March) निकाला.
पुलिस की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और माहौल खराब करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ रासुका और अन्य गंभीर धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, पुलिस अधिकारियों ने आम श्रमिकों से सहयोग और संयम बरतने की अपील की है.
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा का यह पूरा घटनाक्रम इस बात का गवाह है कि मजदूरों का असंतोष रातों-रात खत्म नहीं होता. प्रशासन ने जहां ‘लाइसेंस रद्द’ करने की चेतावनी देकर ठेकेदारों पर नकेल कसी है, वहीं पुलिस के बूटों की आवाज ने उपद्रवियों को बिलों में छिपने पर मजबूर कर दिया है. सरकार ने सैलरी और ओवरटाइम बढ़ाने का जो ‘मास्टरस्ट्रोक’ चला है, वह धीरे-धीरे ही सही, लेकिन असर दिखा रहा है.
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