Maharashtra Crime News: पारातवाड़ा/अभिषेक पांडे: सोशल मीडिया का काला सच एक बार फिर बेहद खौफनाक रूप में सामने आया है. महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाडा-अचलपुर क्षेत्र में इन दिनों दहशत और आक्रोश का माहौल है. वजह नाबालिग लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो का सोशल मीडिया पर वायरल होना है. प्यार, दोस्ती या धोखे के जाल में फंसाकर कई लड़कियों का शोषण, उनके साथ जबरदस्ती और फिर उन्हें ब्लैकमेल करने के इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है.
इस खौफनाक सिंडिकेट का खुलासा 13 अप्रैल 2026 को पुलिस को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर हुआ. पुलिस ने तुरंत जाल बिछाकर जांच शुरू की, जिसमें परतवाड़ा के रहने वाले 19 वर्षीय आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद का नाम सामने आया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को तो दबोच लिया है, लेकिन इस गंदे खेल की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका पूरा सच सामने आना अभी बाकी है.
गुप्त सूचना पर अयान की गिरफ्तारी (Maharashtra Viral Video Case)
जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि अयान नाबालिग लड़कियों से संपर्क बढ़ाता था और फिर उनकी इच्छा के विरुद्ध उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था. प्राथमिक जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि सभी पीड़िताएं नाबालिग हैं. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 354, पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 8 व 12 तथा आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 67 व 67(अ) के तहत सख्त केस दर्ज किया है.
पकड़े जाने से पहले डेटा हटाया (Maharashtra Paratwada Achalpur Case)
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है. हालांकि, शातिर आरोपी ने पकड़े जाने के डर से फोन से कई महत्वपूर्ण डेटा और वीडियो डिलीट कर दिए थे. अब साइबर विशेषज्ञों (Cyber Cell) की मदद से उस डिलीटेड डेटा को रिकवर करने की प्रक्रिया जारी है. डेटा रिकवर होते ही कई और सफेदपोश चेहरों से नकाब उठने की उम्मीद है.
न्यायालय ने आरोपी को 21 तारीख तक 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया है कि वह पिछले एक साल से इस घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहा था. अब तक 7 पीड़ित लड़कियों के नाम सामने आ चुके हैं, जो न सिर्फ परतवाड़ा, बल्कि अमरावती और नागपुर सहित अन्य क्षेत्रों से भी ताल्लुक रखती हैं.
‘SIT जांच हो, नहीं तो आंदोलन’
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद सियासी और सामाजिक गलियारों में भूचाल आ गया है. राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद से मुलाकात की. उन्होंने पुलिस से इस पूरे रैकेट की तह तक जाने के लिए ‘एसआईटी’ (SIT) गठित कर जांच करने की मांग की है. सांसद ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने सख्त और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की, तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे.
सड़क पर उतरा मुस्लिम समाज (Maharashtra Minor girls blackmailing case)
इस अमानवीय कृत्य के खिलाफ समाज का हर वर्ग एकजुट हो गया है. अचलपुर में मुस्लिम समाज के लोगों ने भी भारी विरोध जताते हुए आरोपी की इस करतूत की कड़ी निंदा की है. समाज के लोगों ने पुलिस से आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है और पीड़ित परिवारों से बिना डरे आगे आने की अपील की है.
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परतवाड़ा-अचलपुर का यह मामला सिर्फ एक साइबर क्राइम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक सुरक्षा में लगी उस सेंध का जीता-जागता सबूत है, जहां मासूम बच्चियां शिकार बन रही हैं. अमरावती पुलिस, पुलिस निरीक्षक सुरेश मस्के और साइबर टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उस डिलीटेड डेटा को खंगालकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की है. पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखें.
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