Noida Labor Protest Update: उत्तर प्रदेश के नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में 13 अप्रैल को हुए उग्र श्रमिक आंदोलन और आगजनी ने पूरे प्रशासन की नींद उड़ा दी थी. वेतन वृद्धि और काम की परिस्थितियों को लेकर शुरू हुए इस प्रदर्शन को हिंसक रूप देने वाले मुख्य साजिशकर्ता की तलाश आखिरकार पूरी हो गई है. यूपी एसटीएफ और नोएडा पुलिस की संयुक्त टीम ने इस पूरी हिंसा के ‘मास्टरमाइंड’ आदित्य आनंद को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (त्रिची) रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नोएडा को आग की भट्टी में झोंकने वाला यह शख्स कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि प्रतिष्ठित एनआईटी (NIT) से पढ़ा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. आइये जानें इसकी पूरी कुंडली?
आदित्य आनंद (28 वर्ष) मूल रूप से बिहार के वैशाली (हाजीपुर) का रहने वाला है. वर्ष 2020 में उसने एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की और कैंपस प्लेसमेंट के जरिए एक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन गया. कुछ समय गुरुग्राम में नौकरी करने के बाद वह ‘मजदूर बिगुल’ नामक संगठन से जुड़ गया और एक यूट्यूब चैनल व मैगजीन के लिए रिपोर्टर के तौर पर काम करने लगा.
रिपोर्टर की आड़ में उसने नोएडा सेक्टर-37 के अरुण विहार में रहकर मजदूरों के बीच अपनी गहरी पैठ बना ली. पुलिस जांच में सामने आया है कि 13 अप्रैल की हिंसा से पहले उसने 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कई गुप्त बैठकें कीं और अपने साथियों रूपेश रॉय और मनीषा चौहान (जिन्हें पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है) के साथ मिलकर इस उपद्रव का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया.
11 अप्रैल को जब उसके साथी रूपेश और मनीषा पुलिस (UP STF Noida polic) के हत्थे चढ़े, तो आदित्य 12 अप्रैल को ही नोएडा से दिल्ली भाग गया. 1 लाख रुपये का इनामी घोषित होने के बाद एसटीएफ और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी. पुलिस को चकमा देने के लिए इस शातिर इंजीनियर ने अपने लंबे बाल कटवा लिए, सिर पर टोपी पहन ली और टी-शर्ट के ऊपर शर्ट पहनकर अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया.
सूत्रों के मुताबिक, वह दिल्ली से ट्रेन पकड़कर तमिलनाडु पहुंचा था और वहां से केरल होते हुए समुद्र के रास्ते विदेश भागने की फिराक में था. लेकिन, पुलिस की सटीक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग और सर्विलांस ने उसके इस ‘ग्रैंड एस्केप प्लान’ पर पानी फेर दिया और उसे तिरुचिरापल्ली स्टेशन पर धर दबोचा.
नोएडा में उपद्रवियों ने कई फैक्ट्रियों में जमकर तोड़फोड़ की थी और वाहनों को आग के हवाले कर दिया था, जिससे औद्योगिक हब को भारी वित्तीय नुकसान हुआ. पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया है कि श्रमिक प्रदर्शन की आड़ में हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
आदित्य आनंद को अब ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाया जा रहा है. पुलिस अब आदित्य को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इस आगजनी के पीछे किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हाथ था? उसके मोबाइल चैट और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए देश-विदेश से हो रही फंडिंग की भी गहन जांच की जाएगी.
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