8th Pay Commission Salary Proposal: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. नेशनल काउंसिल (JCM) के स्टाफ साइड ने सरकार को एक क्रांतिकारी प्रस्ताव सौंपा है, जो अगर मंजूर हो गया, तो कर्मचारियों की सैलरी तय करने का पूरा गणित ही बदल जाएगा. इस नए प्रस्ताव में परिवार की परिभाषा और सदस्यों की संख्या में बदलाव कर न्यूनतम वेतन को ₹69,000 करने की मांग की गई है.
सैलरी कैलकुलेशन में क्या होगा बड़ा बदलाव?(8th Pay Commission salary)
अब तक वेतन आयोग सैलरी तय करने के लिए परिवार में 3 सदस्य (यूनिट) मानता था, लेकिन नए मेमोरेंडम में इसे बढ़ाकर 5 यूनिट करने की सिफारिश की गई है.
नया स्ट्रक्चर: कर्मचारी (1 यूनिट), जीवनसाथी (1 यूनिट), दो बच्चे (0.8 प्रत्येक) और आश्रित माता-पिता (0.8 यूनिट).
तर्क: कर्मचारियों का कहना है कि वे न केवल अपने बच्चों बल्कि बुजुर्ग माता-पिता का भी भरण-पोषण करते हैं, जिसे ‘सीनियर सिटीजन एक्ट’ और ‘सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020’ का भी समर्थन प्राप्त है.
किस तरह की हो सकती है मिनिमम सैलरी?
| प्रस्तावित वेतनमान | मौजूदा पे मैट्रिक्स | प्रस्तावित 8वां CPC वेतन (3.833 फिटमेंट फैक्टर) |
|---|---|---|
| वेतनमान-1 (लेवल 1) | ₹18,000 – ₹56,900 | ₹69,000 |
| वेतनमान-2 (लेवल 2–3) | ₹21,700 – ₹69,100 | ₹83,200 |
| वेतनमान-3 (लेवल 4–5) | ₹29,200 – ₹92,300 | ₹1,12,000 |
| वेतनमान-4 (लेवल 6) | ₹35,400 – ₹1,12,400 | ₹1,35,700 |
| वेतनमान-5 (लेवल 7–8) | ₹47,600 – ₹1,51,100 | ₹1,82,500 |
| वेतनमान-6 (लेवल 9–10) | ₹56,100 – ₹1,77,500 | ₹2,15,100 |
| वेतनमान-7 से 13 (लेवल 11–17) | मौजूदा लेवल 11–17 | 3.833 फिटमेंट फैक्टर के साथ बरकरार |
69,000 रु न्यूनतम वेतन: ‘साइंटिफिक लिविंग वेज’ फॉर्मूला
स्टाफ साइड ने केवल महंगाई ही नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने के लिए ‘लिविंग वेज’ का सिद्धांत अपनाने पर जोर दिया है. बता दें कि इस 69,000 रुपए सैलरी की गणना में निम्नलिखित खर्चों को शामिल किया गया है:
भोजन और पोषण: ICMR के नए मानकों के अनुसार 3490 किलो कैलोरी (पहले 2700 था), जिसमें दूध, अंडे और मांस जैसे प्रोटीन स्रोत शामिल हैं.
अन्य जरूरतें: आवास (7.5%), बिजली-पानी (20%), शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट (25%), सामाजिक दायित्व (25%) और टेक्नोलॉजी जरूरतें (5%).
फिटमेंट फैक्टर और सैलरी पर असर
अगर सरकार 69,000 रुपए के न्यूनतम वेतन को स्वीकार करती है, तो फिटमेंट फैक्टर 3.83 प्रस्तावित किया गया है.
तुलना: 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था.
परिणाम: इस बदलाव से कर्मचारियों की वर्तमान बेसिक सैलरी में भारी उछाल आएगा और कुछ स्तरों पर वेतन वर्तमान से 4 गुना तक बढ़ सकता है. यह नियम 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग की गई है.
सालाना इंक्रीमेंट और स्ट्रक्चरल रिफॉर्म
मेमोरेंडम में केवल बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि करियर ग्रोथ के लिए भी बड़े सुझाव दिए गए हैं:
सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment): इसे वर्तमान 3% से बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव है.
पेंशनर्स को लाभ: 2026 से पहले रिटायर हुए लोगों को भी संशोधित वेतन का पूरा लाभ देने की सिफारिश की गई है.
पे-गैप: न्यूनतम और अधिकतम वेतन के बीच का अनुपात 1:12 तक सीमित रखने का सुझाव दिया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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