OP Rajbhar Statement on SP: उत्तर प्रदेश की सियासत में जब-जब तीखे बयानों और सियासी चुटकियों का दौर चलता है, कैबिनेट मंत्री और सुभासपा मुखिया ओमप्रकाश राजभर का नाम सबसे ऊपर आता है. इस बार राजभर ने अपने खास तंजिया लहजे और तीखे तरकश से समाजवादी पार्टी (SP) और सैफई परिवार पर हमला बोला है. उन्होने अखिलेश यादव के ‘विकास के मॉडल’ कहे जाने वाले ड्रीम प्रोजेक्ट ‘आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे’ को भ्रष्टाचार और लूट का एक ऐसा चलता-फिरता अजायबघर घोषित कर दिया है. आइये जानें उन्होंने क्या-क्या कहा?
राजभर ने सीधे तौर पर सैफई परिवार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार की हवस ने एक सीधे एक्सप्रेसवे को ‘जलेबी’ की तरह घुमा दिया. उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को बकायदा ‘पापों के डोजियर’ का करते हुए कहा कि इस एक्सप्रेसवे के गड्ढों से अभी तक भ्रष्टाचार का मवाद रिस रहा है और इसी रास्ते से होकर सैफई परिवार की गाड़ियां सीधे जेल के बैरक तक पहुंचेंगी.
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक्सप्रेसवे के निर्माण पर तंज कसते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव की सरकार के भ्रष्टाचार के जीते-जागते अजूबे देखने हों तो लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से बड़ा कोई उदाहरण नहीं है. जल्दी से जल्दी अकूत धन कमाने की हवस में इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में सारे मानकों को ताक पर रख दिया गया. इसे इतना ऊपर-नीचे किया गया कि आज यह ‘हादसों का एक्सप्रेसवे’ और ‘मौत का एक्सप्रेसवे’ के रूप में कुख्यात हो चुका है. इस सड़क पर अब तक न जाने कितने लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जिनका हिसाब लगाना भी मुश्किल है.
राजभर ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि अखिलेश राज में सैफई परिवार और उनके खासमखास सिपहसालारों ने मिलकर जनता की गाढ़ी कमाई की जमकर बंदरबांट की? फिरोजाबाद से लेकर इटावा तक इस लूट के किस्से बच्चे-बच्चे की जुबान पर हैं. उन्होंने इस ‘खेल’ की क्रोनोलॉजी समझाते हुए कहा कि
पहले एक्सप्रेसवे की भनक लगते ही खास लोगों ने सस्ते में जमीनें हथिया लीं. फिर रातों-रात सरकारी रिकॉर्ड बदलकर कृषि भूमि को ‘आवासीय’ घोषित कर दिया गया. एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद भी कई रजिस्ट्रियां हुईं ताकि मुआवजे के नाम पर सरकारी खजाने में डाका डाला जा सके.
इतना ही नहीं ओपी राजभर ने आगे कहा कि दुनिया के इतिहास में ऐसा उदाहरण खोजना मुश्किल है, जहां निजी फायदे के लिए पूरे एक्सप्रेसवे को ही अपने घर के दरवाजे तक मोड़ दिया गया हो. इसी चक्कर में जो एक्सप्रेसवे सीधा 270 किलोमीटर का होना था, वह खिंचकर 300 किलोमीटर से ज्यादा लंबा हो गया.
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इस कथित घोटाले के दूरगामी नुकसान पर बात करते हुए राजभर ने कहा कि पूर्व सरकार के इस स्वार्थ की कीमत आज भी इस एक्सप्रेसवे से गुजरने वाला देश का प्रत्येक नागरिक चुका रहा है. जबरन बढ़ाई गई दूरी और घुमावदार रास्तों के कारण जनता का समय, धन और गाड़ियों का ईंधन तीनों का भारी नुकसान चौबीसों घंटे हो रहा है. जनता के पैसों पर की गई यह अय्याशी ज्यादा दिन नहीं चलेगी. भ्रष्टाचार का जो मवाद इस सड़क से रिस रहा है, सैफई परिवार को उनके इन पापों की सजा मिलकर रहेगी और वे इसी एक्सप्रेसवे के रास्ते जेल जाएंगे.
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