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गोवा से 8 गुना छोटा, फिर भी पीएम मोदी के लिए क्यों अहम है सेशेल्स? जानिए 155 द्वीपों वाले देश की रणनीति

PM Modi Seychelles Visit: पीएम मोदी 27-29 जून 2026 तक सेशेल्स की ऐतिहासिक यात्रा पर हैं. जानिए भारत से क्षेत्रफल में 7,400 गुना छोटे और 175वीं अर्थव्यवस्था वाले इस 155 द्वीपीय देश का रणनीतिक महत्व भारत के तेल आयात रूट, होर्मुज तनाव और चीन की काट के लिए क्यों सबसे अहम है?

PM Modi Seychelles Visit

PM Modi Seychelles Visit: पीएम मोदी 27 से 29 जून 2026 तक हिंद महासागर के एक बेहद छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से अत्यंत शक्तिशाली द्वीपीय देश सेशेल्स की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर हैं. सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी वहां के राष्ट्रीय दिवस के ‘स्वर्ण जयंती समारोह’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हो रहे हैं. यह 11 साल के भीतर पीएम मोदी का दूसरा सेशेल्स दौरा है. भारत की ओर से इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय उत्सव की शोभा बढ़ाने के लिए भारतीय रक्षा बलों की एक विशेष सैन्य टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोत भी सेशेल्स पहुंच चुके हैं.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से भारत का सबसे छोटा राज्य गोवा भी जिस देश से 8 गुना बड़ा हो, वह देश आखिर बीजिंग से लेकर नई दिल्ली तक के पावर कॉरिडोर्स का केंद्र बिंदु क्यों बना हुआ है? आइए इसके पीछे की बेहद दिलचस्प इनसाइड स्टोरी और कूटनीतिक इनसाइट्स को बारीकी से समझते हैं.

रणनीतिक हैसियत में महाबली है सेशेल्स

भारत और सेशेल्स की तुलना की जाए तो आंकड़े बेहद चौंकाने वाले नजर आते हैं. भारत का कुल क्षेत्रफल जहां 32.87 लाख वर्ग किलोमीटर है, वहीं 155 द्वीपों का समूह सेशेल्स महज 444 वर्ग किलोमीटर का एक छोटा सा बिंदु है. यानी भारत भौगोलिक रूप से सेशेल्स से 7,404 गुना बड़ा है. जनसंख्या की बात करें तो सेशेल्स की कुल जनसंख्या मात्र 2 लाख के करीब है. यानी भारत की आबादी सेशेल्स से 10,900 गुना कम है. वहीं अर्थव्यवस्था की बात की जाए तो सेशेल्स की कुल नॉमिनल जीडीपी महज 2.2 अरब डॉलर है, जो वैश्विक रैंकिंग में 175वें स्थान पर आती है.

ट्विस्ट यह है कि महज 2 लाख के करीब आबादी होने के कारण करीब 17,675 डॉलर की प्रति व्यक्ति आय और मजबूत मानव विकास सूचकांक (HDI) के साथ सेशेल्स पूरे अफ्रीका महाद्वीप का सबसे अमीर देश है. इसकी मुख्य अर्थव्यवस्था पर्यटन और मत्स्य पालन (टूना मछली निर्यात) पर टिकी है.

भारत के लिए क्यों लाइफलाइन है यह देश?

पश्चिम एशिया में इस समय भीषण सैन्य संकट चल रहा है. होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर जैसे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री चोकपॉइंट्स पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक व्यापारिक जहाजों के रूट को पंगु बना दिया है. ऐसे संकट काल में सेशेल्स भारत की लाइफलाइन बनकर उभरा है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल-गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व और अफ्रीका से आयात करता है, जो इसी रूट से होकर गुजरता है. हिंद महासागर के पश्चिमी छोर पर मुहाने की तरह बैठे सेशेल्स के पास मजबूत मौजूदगी होने से भारत अपने तेल-गैस आयात रूट की चौबीसों घंटे लाइव निगरानी और अचूक सुरक्षा कर सकता है.

हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में चीन अपनी ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ कूटनीति के तहत आर्थिक कर्ज, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और गुप्त सैन्य सहयोग के बहाने सेशेल्स जैसे छोटे द्वीपीय देशों को अपने प्रभाव में लेने की लगातार कोशिशें कर रहा है. चीन के इसी चक्रव्यूह को भेदने और क्षेत्र में सैन्य संतुलन बनाए रखने के लिए पीएम मोदी का यह दौरा गेम-चेंजर माना जा रहा है. भारत खुद को इस पूरे समुद्री क्षेत्र में एक ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ के रूप में देखता है. भारत की हिंद महासागर नीति ‘विजन सागर’ के तहत सेशेल्स हमारा सबसे अहम रणनीतिक पड़ोसी है.

सांस्कृतिक और कूटनीतिक दोस्ती का स्वर्ण काल

भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा और कूटनीति के संबंध ऐतिहासिक रूप से बेहद गहरे हैं. दोनों देश समुद्री सुरक्षा, हाइड्रोग्राफी और रक्षा क्षमता निर्माण में एक दूसरे के अभिन्न अंग हैं. साल 1770 में भारतीयों का पहला समूह सेशेल्स पहुंचा था और आज भी वहां करीब 15 हजार भारतीय मूल के प्रभावशाली लोग रहते हैं. दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के शानदार 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं. भारत ने सेशेल्स की संप्रभुता की रक्षा के लिए उसे कोस्टल रडार स्टेशन, सैन्य वाहन, एम्बुलेंस और दवाइयां प्रदान की हैं.

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फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने सतत विकास और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त ‘विज़न डॉक्यूमेंट’ भी जारी किया था. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी द्विपक्षीय संबंधों के पूरे स्पेक्ट्रम की व्यापक समीक्षा कर रक्षा और ब्लू इकॉनमी के क्षेत्र में कई नए समझौतों पर मुहर लगाएंगे.



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