उत्तर प्रदेश

लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय होंगे IIM कोलकाता के निदेशक, पद छोड़ते हुए जताया आभार

Alok Kumar Rai: लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय अब भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) कोलकाता के नए निदेशक बनने जा रहे हैं. इस मौके पर उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए और सभी का आभार जताया.

प्रो. राय ने कहा कि जब उन्हें दिसंबर 2019 में लखनऊ विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी मिली, तब यह संस्थान अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहा था. यह उनके लिए गर्व और ज़िम्मेदारी दोनों का समय था. उन्होंने कहा,

“मैं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके मार्गदर्शन में हम न सिर्फ शताब्दी समारोह भव्यता से मना सके, बल्कि विश्वविद्यालय को हर स्तर पर बेहतर भी बना सके.”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभार

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी प्रशासनिक टीम को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने विश्वविद्यालय के संचालन में लगातार सहयोग किया. प्रो. राय ने कहा,

“लखनऊ विश्वविद्यालय बहुत बड़ा संस्थान है. इसमें 22,000 से ज्यादा छात्र कैंपस में पढ़ते हैं और चार लाख से अधिक छात्र इसके संबद्ध कॉलेजों से जुड़े हैं. ऐसे में सरकार की मदद से ही इसे बेहतर ढंग से चलाना संभव हो पाया.”

अपने सहकर्मियों और कर्मचारियों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि कोविड काल सबसे बड़ी चुनौती था, लेकिन उसी मुश्किल वक्त में टीम ने विश्वविद्यालय को नए सिरे से गढ़ा. उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में लॉकडाउन लागू हुआ, लेकिन हमने इसे एक अवसर की तरह लिया और ऑनलाइन पढ़ाई, ऑटोमेशन जैसे सुधार लागू किए.

अपनी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला

उन्होंने अपनी उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला. उनके मुताबिक, लखनऊ विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय बना जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को सबसे पहले लागू किया. उन्होंने कहा,

“हमने न सिर्फ इसे पीजी स्तर पर शुरू किया, बल्कि अब यूजी और एक वर्षीय पीजी कोर्स भी शुरू कर रहे हैं,”

प्रो. राय ने बताया कि विश्वविद्यालय को NAAC की तरफ से A++ ग्रेड मिला, जो इस श्रेणी में आने वाला उत्तर प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बना. साथ ही, इसे UGC की ओर से ‘कैटेगरी-1’ का दर्जा भी मिला, जिससे ऑनलाइन कोर्स शुरू करने का अधिकार मिला.

लखनऊ विश्वविद्यालय में शुरू हुए नए विषय

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में नए विषय और विभाग शुरू किए गए जैसे योग, अक्षय ऊर्जा, वैकल्पिक चिकित्सा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, दर्शनशास्त्र और फार्मेसी. साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया.

बुनियादी ढांचे में सुधार का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य परिसर और दूसरे परिसर दोनों को आधुनिक बनाया गया. ऑडिटोरियम, मूट कोर्ट, गेट, छात्रावास जैसी नई सुविधाएं जोड़ी गईं. वित्तीय रूप से भी विश्वविद्यालय की आय 85% तक बढ़ी, जबकि फीस नहीं बढ़ाई गई.

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मानव संसाधन पर ये कहा

मानव संसाधन पर ध्यान देते हुए उन्होंने बताया कि 300 से ज्यादा शिक्षक नियुक्त किए गए, वो भी पूरी पारदर्शिता के साथ. महिला शिक्षकों की भागीदारी भी पहले से ज्यादा हुई. “अब विश्वविद्यालय में प्रो-वाइस चांसलर सहित कई पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं,” उन्होंने कहा.

उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय को 76 देशों से 2,500 से अधिक छात्रों के आवेदन मिले हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान का संकेत है.

67 महीनों की यात्रा बहुत यादगार रही

अपने कार्यकाल के अंत में भावुक होते हुए प्रो. राय ने कहा, “यह 67 महीनों की यात्रा बहुत यादगार रही. मेरे छात्रों की उपलब्धियां ही विश्वविद्यालय की असली उपलब्धि हैं. मैं प्रार्थना करता हूं कि लखनऊ विश्वविद्यालय ऐसे ही तरक्की करता रहे और देश-दुनिया में नाम रोशन करे.”

उन्होंने अंत में सभी से जुड़े रहने की अपील करते हुए कहा, “आपका आशीर्वाद और साथ ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है.”

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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