Ram Mandir donation theft case
Ayodhya Ram Temple Rules Change: अयोध्या के भव्य राम मंदिर के दान काउंटिंग सिस्टम में सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए ट्रस्ट द्वारा एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. चढ़ावे की कथित चोरी की घटनाओं की सुर्खियों में आने के बाद, अब काउंटिंग हॉल में कर्मचारियों के प्रवेश से लेकर उनकी पोशाक और काम करने के तरीके तक के नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया है.
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के बाद दान काउंटिंग के नियम कड़े कर दिए गए हैं. अब कर्मचारी बिना पॉकेट वाली डार्क ब्लू ड्रेस पहनकर और दोहरी जांच के बाद ही हॉल में जा सकेंगे. साथ ही मोबाइल-कैमरा पूरी तरह बैन रहेगा और गिनती जमीन पर बैठकर होगी. मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा की ‘व्यवस्था कार्यकर्ता’ पास से एंट्री की बात सामने आई है, जिस पर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है.
राम मंदिर परिसर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने दान की गिनती करने वाली व्यवस्था को पूरी तरह से री-स्ट्रक्चर कर दिया है. नई व्यवस्था के तहत काउंटिंग हॉल में सुरक्षा का कड़ा पहरा बिठाया गया है. अब किसी भी कर्मचारी को सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें दोहरे स्तर की सख्त सुरक्षा जांच (डबल चेकिंग) से गुजरना होगा. इसके साथ ही काउंटिंग में शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए एक नया ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है, जिसके तहत उन्हें बिना किसी जेब (पॉकेट) वाली डार्क ब्लू रंग की ड्रेस पहनना अनिवार्य होगा.
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अब दान की गिनती करने की पारंपरिक व्यवस्था को भी बदल दिया गया है. अब कर्मचारी कुर्सी-मेज पर बैठकर नहीं, बल्कि सीधे जमीन पर बैठकर दान पात्रों से निकले चढ़ावे को गिनेंगे. काउंटिंग हॉल के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा, बैग या कोई भी अन्य निजी सामान ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. यहाँ तक कि कर्मचारियों को हॉल में प्रवेश करने से पहले अपने जूते-चप्पल भी बाहर ही उतारने होंगे.
इस बीच, चोरी के इस पूरे विवाद में मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. जांच में सामने आया है कि अनुकल्प मिश्रा के नाम पर मंदिर में ‘व्यवस्था कार्यकर्ता’ के तौर पर एंट्री पास जारी किया जाता था. आरोप है कि मंदिर में जब भी कोई विशेष या बड़ा कार्यक्रम आयोजित होता था, तो इसी पास के जरिए उसे परिसर में आसानी से एंट्री मिल जाती थी और वह इसी आधार पर चढ़ावे की राशि की गिनती की प्रक्रिया में भी शामिल हो जाता था.
इस संवेदनशील मामले पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस घटना पर भारी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों के लिए सख्त से सख्त सजा की पैरवी की है. महंत दिनेंद्र दास ने दोटूक शब्दों में कहा कि भगवान के घर में इस तरह का अपराध और धोखाधड़ी करने वालों को सीधे फांसी की सजा दी जानी चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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