Society : झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र के ग्राम इमलिया में एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है. यहां एक किसान को उसकी अधिग्रहित जमीन का मुआवज़ा क्या मिला, पांच साल पहले घर छोड़कर चली गई पत्नी अचानक लौट आई और पैसे में हिस्सा मांगने लगी। मामला इतना उलझा कि दो दिन तक पंचायत बैठी, पुलिस ने भी समझाने की कोशिश की, लेकिन न पति झुकने को तैयार हुआ और न पत्नी अपनी मांग से पीछे हटने को.
ग्राम इमलिया के किसान सुरेंद्र अहिरवार की जमीन कुछ समय पहले बीड़ा (BIDA) द्वारा अधिग्रहित कर ली गई थी. जमीन के बदले प्रशासन ने सुरेंद्र के खाते में लगभग 46 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया। परिवार के लिए यह बड़ी राहत थी, क्योंकि लंबे समय से वह आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। लेकिन यह राहत जल्द ही विवाद में बदल गई. (Society)
सूत्रों के मुताबिक, सुरेंद्र की पत्नी पुष्पा करीब 5 साल पहले पति का घर छोड़कर अपने बहन के देवर के साथ रहने चली गई थी. पति-पत्नी के बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था और कई बार झगड़े की भी नौबत आती थी. आखिरकार पत्नी ने पति और बेटे दोनों को छोड़कर एक नया जीवन शुरू कर लिया था। लेकिन जैसे ही मुआवज़े की भारी-भरकम रकम की जानकारी उसे मिली, वह अचानक गांव लौट आई. (Society)
पुष्पा का कहना है कि वह कानूनी रूप से अभी भी सुरेंद्र की पत्नी है, इसलिए मुआवज़े की रकम में उसका हिस्सा बनता है. इतना ही नहीं, उसने अपने बेटे के नाम से भी हिस्सा मांगा है, जबकि बेटा पिछले कई वर्षों से पिता के साथ ही रह रहा है.
पुष्पा ने पंचायत में खुले तौर पर कहा कि
“हमारा भी हक बनता है। मैं चाहे कहीं भी रहूं, लेकिन पत्नी का दर्जा मेरा ही है. बेटे का हिस्सा तो किसी भी हालत में दिया जाना चाहिए.”
दूसरी तरफ सुरेंद्र का कहना बिल्कुल अलग है। उनके मुताबिक, पत्नी ने पिछले कई सालों से वैवाहिक संबंध तोड़ दिए हैं.
सुरेंद्र ने पंचायत में कहा कि
“जो महिला 5 साल पहले पति और बेटे को छोड़कर किसी और के साथ चली गई, वह आज पैसे की लालच में वापस आई है. जबकि उसने कभी फोन तक नहीं किया.”
सुरेंद्र का परिवार भी पत्नी के लौटने को संदेह की नजर से देख रहा है. उनका कहना है कि जब सुरेंद्र अकेले संघर्ष कर रहे थे, तब पत्नी कभी उनके साथ खड़ी नहीं हुई.(Society)
गांव में पंचायत दो दिन तक लगातार बैठी। पहले दिन पंचायत ने दोनों पक्षों की बातें सुनीं, लेकिन निष्कर्ष नहीं निकल पाया। दूसरे दिन पुलिस भी बीच-बचाव करने पहुंची, लेकिन वहां भी कोई समझौता नहीं हो सका.
पंचायत ने पत्नी से पूछा कि वह 5 साल पहले क्यों चली गई और तब पति या बेटे से कोई संपर्क क्यों नहीं रखा. पति और परिवार ने साफ कहा कि पत्नी के वापस आने की वजह सिर्फ मुआवज़े की रकम ही है. पत्नी ने आरोप लगाया कि उसे पहले घर से निकाला गया था और अब बेटे के अधिकार को भी दबाया जा रहा है. बहस इतनी बढ़ गई कि पंचायत भी असहाय हो गई. अंत में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पंचायत ने मामला पुलिस और कोर्ट पर छोड़ दिया.
पंचायत और पुलिस दोनों से समाधान न निकलने के बाद पत्नी ने FIR दर्ज कराने की धमकी दी है. उसने कहा है कि अगर उसे उसका हिस्सा नहीं मिला, तो वह कानूनी कार्रवाई करेगी. वहीं पति का कहना है कि वह किसी भी तरह का हिस्सा देने को तैयार नहीं है.
सुरेंद्र का परिवार अब इस बात से चिंतित है कि कहीं यह विवाद कानूनी लड़ाई में न बदल जाए, जो लंबे समय तक जारी रह सकती है.
गांव में इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं. कुछ लोग पत्नी का पक्ष ले रहे हैं कि कानूनी रूप से विवाह टूटे बिना पत्नी का हक बनता है. वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जब महिला ने पति को छोड़कर नया रिश्ता बना लिया है, तो अब वापसी का कोई अधिकार नहीं बचता.
पंचायत की कोशिशें फेल होने के बाद अब मामला सीधे पुलिस और कोर्ट की तरफ बढ़ गया है. पति-पत्नी दोनों अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं। अगर बात कोर्ट तक पहुंचती है, तो फैसला कई कानूनी पहलुओं पर निर्भर करेगा.
भारत एक्सप्रेस
AIIA 10th foundation day Kaumaracon 2026: AIIA नई दिल्ली का 10वां स्थापना दिवस. राष्ट्रीय आयुर्वेद…
कोलकाता पूजा पंडाल हादसे पर पीएम मोदी और अमित शाह ने जताया दुख. PMNRF से…
AIIA foundation day decade achievements 37 lakh patients: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के 10…
मोरबी की राजमाता विजयकुंवरबा के निधन पर पीएम मोदी ने गहरा दुख जताया. कहा- उनका…
ग्रेटर नोएडा में एनसीबी ने दो गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ कर 45 करोड़ की…
Kolkata Durga Puja pandal stampede Chorbagan: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल का हिस्सा ढहने…