उत्तर प्रदेश

यूपी में कितनी सीटों पर कांग्रेस-सपा में फंसा पेच? अखिलेश यादव ने निकाली बड़ी काट

UP SP Congress Alliance Seat Sharing: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव (UP Election 2027) से पहले विपक्षी गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को खींचतान बढ़ती जा रही है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच कितनी सीटों पर कौन चुनाव लड़ेगा, इसे लेकर अभी सहमति नहीं बनी है. दोनों दलों के नेताओं की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. इसी बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सीट शेयरिंग को लेकर सहयोगी दलों को एक अहम संदेश दिया है.

अखिलेश ने सीट बंटवारे पर क्या कहा?

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है.” इसके बाद उन्होंने साफ किया कि गठबंधन में कितनी सीटें किस पार्टी को मिलती हैं या कौन सी सीट किसके हिस्से में जाती है, इससे ज्यादा जरूरी चुनाव में गठबंधन की जीत सुनिश्चित करना है.

सपा प्रमुख ने लिखा, “बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो.” उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “बात सीट की नहीं जीत की है.”

सीट शेयरिंग पर क्यों बढ़ी हलचल? (UP SP Congress Seat Sharing Formula)

अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सपा और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. कांग्रेस उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. पार्टी की ओर से 100 से 150 सीटों तक की दावेदारी की चर्चा है. यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी कांग्रेस को गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका दिए जाने की बात कही और करीब 170 सीटों की मांग का उल्लेख किया.

दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी कांग्रेस को इतनी सीटें देने के पक्ष में नहीं बताई जा रही है. सपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पार्टी कांग्रेस के 2024 लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन और जमीनी स्थिति को देखते हुए करीब 53 से 55 सीटों पर विचार कर रही है. वहीं सपा खुद लगभग 350 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है.


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जीत को बताया सबसे बड़ा लक्ष्य

अखिलेश यादव ने अपने संदेश में गठबंधन की जीत को सिर्फ राजनीतिक दलों की जीत तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने कहा कि यह उन सभी लोगों की संयुक्त कोशिश होगी जो लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सौहार्द के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने सांप्रदायिकता को रोकने और संविधान तथा आरक्षण की रक्षा को भी इस संघर्ष से जोड़ा. साथ ही देश में सौहार्द, तरक्की और खुशहाली को आगे बढ़ाने की बात कही.

फिलहाल सीट बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला सामने नहीं आया है. ऐसे में अखिलेश का संदेश साफ है कि गठबंधन के भीतर सीटों की खींचतान के बजाय साझा चुनावी लक्ष्य को प्राथमिकता दी जाए. अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “जय संविधान-जय हिंदुस्तान!”.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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