उत्तर प्रदेश

यूपी में एक ही जगह मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, नौकरी और उद्योग लगाने का मौका, 16 रोजगार एवं औद्योगिक केंद्र होंगे स्थापित

UP Employment Scheme: उत्तर प्रदेश के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार, स्वरोजगार और उद्योगों से सीधे जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ी परियोजना शुरू करने जा रही है. सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र यानी एसवीपीईआईजेड परियोजना के तहत प्रदेश में पहले चरण में 16 केंद्र स्थापित किए जाएंगे.

इस परियोजना की घोषणा इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर की गई थी. अब इसे जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है. इन केंद्रों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर नौकरी तलाशने और अपना कारोबार शुरू करने तक की सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें.

पहले चरण में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और यूपीसीडा के माध्यम से पांच-पांच केंद्र बनाए जाएंगे. यूपीईडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा दो-दो केंद्र विकसित करेंगे. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण एक-एक केंद्र की स्थापना करेंगे.

इस तरह प्रदेश में कुल 16 एसवीपीईआईजेड केंद्र बनाए जाएंगे. साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश को नौ हब एंड स्पोक जोन में बांटकर औद्योगिक और कौशल विकास का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा.

जरूरत के हिसाब से युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. देश-विदेश से निवेशक प्रदेश में आ रहे हैं और नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि तकनीक में लगातार हो रहे बदलावों के कारण आने वाले समय में उद्योगों को बड़ी संख्या में प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारियों की जरूरत होगी. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई है.

परियोजना का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार कर सीधे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है.

9 औद्योगिक और कौशल विकास जोन बनेंगे

प्रदेश को स्थानीय उद्योगों, संसाधनों और निवेश की संभावनाओं के आधार पर नौ जोन में बांटा जाएगा. इनमें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड़ को एक जोन में शामिल किया गया है.

इसके अलावा सहारनपुर मंडल के साथ मेरठ, बागपत और बुलंदशहर, मुरादाबाद और बरेली मंडल, आगरा और अलीगढ़ मंडल, लखनऊ और अयोध्या मंडल तथा कानपुर और प्रयागराज मंडल को अलग-अलग जोन के रूप में विकसित किया जाएगा.

चित्रकूट, झांसी और विंध्याचल मंडल को एक जोन में रखा गया है. इसी तरह वाराणसी और आजमगढ़ मंडल तथा गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल को भी अलग-अलग औद्योगिक एवं कौशल विकास जोन बनाया जाएगा.

हर जोन को वहां मौजूद उद्योगों, कच्चे माल, स्थानीय संसाधनों और भविष्य में होने वाले निवेश को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा.

एक ही जगह मिलेंगी कई सुविधाएं

प्रत्येक एसवीपीईआईजेड केंद्र को वन स्टॉप इंडस्ट्रियल, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम के रूप में तैयार किया जाएगा. इसका मतलब है कि युवाओं, नौकरी तलाशने वालों और उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

इन केंद्रों पर कौशल विकास केंद्र, रोजगार सहायता केंद्र और उद्यमिता सहायता केंद्र बनाए जाएंगे. युवाओं को डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा और अलग-अलग व्यवसायों से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा.

यहां औद्योगिक भूखंड, तैयार औद्योगिक शेड, साझा सुविधा केंद्र और व्यावसायिक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. उद्योगों के लिए बिजली, पानी, सड़क और दूसरी आधुनिक बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था होगी.

कम समय में उत्पादन शुरू कर सकेंगे उद्यमी

परियोजना में प्लग एंड प्ले व्यवस्था भी विकसित की जाएगी. इसके तहत उद्यमियों को पहले से तैयार औद्योगिक परिसर उपलब्ध कराया जाएगा. परिसर में बिजली, पानी, सड़क और उत्पादन शुरू करने के लिए जरूरी दूसरी सुविधाएं पहले से मौजूद रहेंगी.

इससे नए उद्योग लगाने वाले लोगों को निर्माण और आधारभूत ढांचा तैयार करने में अधिक समय नहीं लगाना पड़ेगा. वे कम समय में उत्पादन शुरू कर सकेंगे.

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

जमीन कम हुई तो बनेंगी बहुमंजिला फैक्ट्रियां

एसवीपीईआईजेड परियोजना में जमीन का इस्तेमाल भी आधुनिक औद्योगिक जरूरतों के अनुसार किया जाएगा. कौशल प्रशिक्षण, औद्योगिक इकाइयों, प्लग एंड प्ले सुविधाओं, हरित क्षेत्र, सड़कों, आधारभूत ढांचे और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग क्षेत्र तय किए जाएंगे.

जिन स्थानों पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होगी, वहां बहुमंजिला औद्योगिक परिसर बनाए जाएंगे. इसके साथ ही फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल भी अपनाया जाएगा. इस मॉडल में एक बहुमंजिला इमारत के अलग-अलग हिस्सों में छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयां काम कर सकेंगी.

उद्योगों की भी होगी सक्रिय भागीदारी

प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रत्येक हब के संचालन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल यानी एसपीवी का गठन किया जाएगा. संबंधित हब के प्रमुख निवेशक को इसका अध्यक्ष बनाया जाएगा.

इस व्यवस्था का मकसद परियोजना के संचालन में उद्योगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना है. सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा और युवाओं को उसी अनुसार प्रशिक्षण दिया जा सकेगा.

उद्योगों की भागीदारी से परियोजना का संचालन भी अधिक प्रभावी और रोजगार केंद्रित बनाया जा सकेगा.

गुजरात और महाराष्ट्र के मॉडल का किया गया अध्ययन

परियोजना की रूपरेखा तैयार करने से पहले उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की एक टीम ने गुजरात और महाराष्ट्र का दौरा किया था. टीम ने वहां टाटा समूह द्वारा विकसित औद्योगिक और कौशल विकास मॉडल का अध्ययन किया.

वहां चल रही सफल योजनाओं, औद्योगिक व्यवस्थाओं और वैश्विक मानकों को समझने के बाद उत्तर प्रदेश की जरूरतों के अनुसार नया मॉडल तैयार किया गया है.

परियोजना को विकसित करने और इसके संचालन में देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों को भी शामिल किया जाएगा.

निर्माण के साथ ही शुरू होगा युवाओं का प्रशिक्षण

जिन स्थानों पर परियोजना के लिए जमीन पहले से उपलब्ध है, वहां जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. जिन इलाकों में जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां यूपीसीडा, यूपीईडा, यीडा और अन्य विकास प्राधिकरणों की मदद से जमीन की व्यवस्था की जाएगी.

सरकार की योजना है कि औद्योगिक परिसर का निर्माण पूरा होने का इंतजार किए बिना युवाओं का कौशल प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाए. इससे जब उद्योगों में उत्पादन शुरू होगा, तब तक उनके लिए प्रशिक्षित कर्मचारी भी उपलब्ध हो जाएंगे.

रोजगार और उद्यमिता का केंद्र होगा

प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा एसवीपीईआईजेड को केवल उद्योग लगाने की जगह के रूप में विकसित करने की नहीं है.

इसे निवेश, कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के साझा केंद्र के रूप में तैयार किया जाएगा. यहां युवा नौकरी के लिए प्रशिक्षण लेने के साथ अपना कारोबार शुरू करने की जानकारी और सहायता भी हासिल कर सकेंगे.

ये भी पढ़ें- अब गोबर से होगी ‘मोटी कमाई’! दिल्ली में लागू हुआ नया फॉर्मूला, जानें क्या है अमित शाह का पूरा प्लान?

सरकार का दावा है कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुसार तैयार करेगी. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख विनिर्माण, कौशल विकास और रोजगार सृजन केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

‘तू छोले बेचने गया था…’, 3-0 से हार के बाद बाबर आजम पर भड़के वसीम अकरम, कप्तानी पर उठाए सवाल

Babar Azam Captaincy Controversy: वसीम अकरम ने बाबर आजम की कप्तानी पर सवाल उठाते हुए…

3 minutes ago

CSK ने चलते-चलते कर दिया सबसे बड़ा धमाका, धोनी-जहीर की जोड़ी देख कांपेंगी बाकी 9 टीमें?

CSK New Head Coach: आईपीएल 2027 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने बड़ा बदलाव…

14 minutes ago

निजाम की जिद, रजाकारों का अत्याचार और भारत में विलय: पढ़ें हैदराबाद के एकीकरण की पूरी दास्तान

आजादी के समय हैदराबाद को भारत में मिलने से रोकने वाले रजाकार कौन थे? जानिए…

22 minutes ago

महज एक नेता नहीं, सादगी की मिसाल थे भोला पासवान शास्त्री; जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक है उनकी कहानी

बिहार की राजनीति का जिक्र आते ही अक्सर बड़े-बड़े काफिले और सत्ता का रुआब आंखों…

25 minutes ago

गिरफ्तार होते ही पहला सवाल क्या पूछना है? सुप्रीम कोर्ट ने बता दिया वो मंत्र जिससे बच जाएगी जमानत

Supreme Court Arrest Rules: क्या पुलिस आपको बिना कुछ लिखे गिरफ्तार कर सकती है? सुप्रीम…

33 minutes ago

बप्पा की भक्ति या पर्यावरण से खिलवाड़? UK की नदी में विसर्जन का वीडियो देख भड़के लोग

Ganesh Visarjan In UK: ब्रिटेन से सामने आया गणेश विसर्जन का एक कथित वीडियो सोशल…

37 minutes ago