Iran US Conflict: फरवरी जाते-जाते मध्य पूर्व के लिए तबाही लेकर आई. आज शनिवार की सुबह अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर धावा बोल दिया. दोनों ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान, चाबहार सहित कई शहरों में हमले किए हैं. इजरायली अधिकारियों ने दावा किया है कि ये हमले ईरानी शीर्ष नेतृत्व और उसके सैन्य ढांचों को बर्बाद करने के लिए किए गए हैं. हालांकि इस हमले का ईरान ने करारा पलटवार किया है. ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी बेसों पर जबरदस्त हमले किये हैं.
अमेरिका मध्य पूर्व के देशों में काफी निवेश कर रखा है. उसके सैन्य बेस लगभग हर प्रमुख देशों में हैं. जिसमें सऊदी अरब, यूएई, कतर भी शामिल हैं.
राजधानी दोहा के बाहर मौजूद रेगिस्तान में अमेरिका ने 24 हेक्टेयर क्षेत्र में अल उदैद एयरपोर्ट बना रखा है. यह मध्य पूर्व में अमेरिकी कमान का सबसे महत्वपूर्ण मुख्यालय है. यहां से अमेरिका पश्चिम में मिश्र से लेकर पूर्व में कजाकिस्तान तक में फैले अमेरिकी बेसों को कंट्रोल करता है. यहां लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.
मध्य पूर्व के प्रमुख देश बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों का 5वां सबसे बड़ा मुख्यालय है. यहां से अमेरिका खाड़ी, लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर पर नियंत्रण रखता है.
UAE की राजधानी अबू धाबी के दक्षिण में मौजूद अल धाफरा वायु अड्डा अमेरिकी वायु सेना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है. यहां अमेरिकी सेना यूएई वायु सेना के साथ मिलकर साझा ऑपरेशन को अंजाम देती है. इराक और सीरिया में ISIS के खिलाफ अमेरिका ने UAE से ही बड़े ऑपरेशन्स को अंजाम दिया था.
इस प्रमुख मध्य पूर्वी देश के कैंप आरिफजान में अमेरिका ने कई सैन्य अड्डे बना रखे हैं. यह इराकी सीमा से लगभग 40 किलोमीटर दूर बहुत ही विरान और उबड़-खाबड़ जगह पर मौजूद है. इसलिए इसे ‘द रॉक’ के नाम से जाना जाता है. इसका निर्माण अमेरिका ने इराक युद्ध के समय 2003 में की थी.
दुबई का यह बंदरगाह मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा बंदरगाह है. यहीं से अमेरिका इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपने नौसेना की तैनाती करता है.
ये भी पढ़ें- ईरान-इजरायल युद्ध से मिडल ईस्ट में आया बड़ा भूचाल! पेट्रोल-डीजल के बढ़ जाएंगे दाम, कच्चे तेल की कीमतों में लगेगी आग?
अमेरिका, इराक के पश्चिमी अनबार प्रांत में अल असद हवाई अड्डा बना रखा है. यहां से वो इराक में आतंक मचाने वाले ISIS पर अचूक हमले किये. खास तौर से ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के लिए अमेरिका ने इसी बेस का इस्तेमाल किया था.
व्हाइट हाउस के अनुसार साल 2024 में सऊदी अरब की राजधानी रियाद से लगभग 60 किलोमीटर दूर दक्षिण में प्रिंस सुल्तान एयर बेस में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती है. यहां पर कुल सैनिकों की संख्या 2321 है, जो सऊदी सैनिकों के साथ मिलकर काम करते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
Silver Crash: चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते निवेशकों के पास निवेश…
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिंपरी-चिंचवड पुलिस की आधुनिक पुलिसिंग, डिजिटल नागरिक सहभागिता और…
Rajasthan News: श्रीगंगानगर के अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन के गुजरने के 45 मिनट…
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से दक्षिण भारत समेत देश के 13 राज्यों में हल्की…
4 नवंबर 2026, बुधवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के बाद रमा एकादशी…
आज 4 नवंबर 2026 को रमा एकादशी, एन्द्र योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के संयोग में…