पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) की ढाका यात्रा के दौरान बांग्लादेश ने एक बार फिर 1971 के युद्ध से जुड़े पुराने मुद्दों को उठाया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार एम तौहीद हुसैन ने साफ कहा कि वे डार के विचारों से सहमत नहीं हैं. उनका कहना था,
“अगर हम सहमत होते तो ये समस्याएं कब की सुलझ चुकी होती.”
इशाक डार 2012 के बाद बांग्लादेश का दौरा करने वाले पाकिस्तान के सबसे वरिष्ठ नेता हैं. उनकी दो दिवसीय यात्रा का खास मकसद शेख हसीना के पद छोड़ने के बाद दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाना है. लेकिन बातचीत में 1971 के युद्ध के लिए माफी मांगने, संपत्तियों पर दावा और फंसे हुए पाकिस्तानी नागरिकों जैसे मुद्दे छाए रहे.
तौहीद हुसैन ने कहा,
“54 साल की समस्याएं एक दिन में हल नहीं हो सकतीं हैं. हमने अपनी बात रखी और उन्होंने अपनी बात रखी. अब आगे बातचीत जारी रहेगी.”
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों ने एक समझौते और पांच एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं. इन समझौतों का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है.
इशाक डार ने दावा किया,
“1971 से जुड़े ज्यादातर मुद्दे पहले ही सुलझाए जा चुके हैं जिनमें माफी का मामला भी शामिल है. उन्होंने 1974 की त्रिपक्षीय वार्ता और परवेज मुशर्रफ की ढाका यात्रा का हवाला दिया जब माफी पर बात हुई थी.”
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हालांकि बांग्लादेशी पक्ष इस दावे से सहमत नहीं है. उनका मानना है कि जब तक पाकिस्तान औपचारिक रूप से माफी नहीं मांगता तब तक रिश्तों में पूरी तरह सुधार संभव नहीं है. बातचीत की शुरुआत तो हो गई है लेकिन समाधान अभी दूर है.
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-भारत एक्सप्रेस
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