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बांग्लादेश में यूनुस सरकार के खिलाफ इटली में बांग्लादेशी प्रवासियों का विरोध, अल्पसंख्यकों पर हिंसा और लोकतंत्र पर हमले की निंदा

Italy Bangladeshi Expats: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिराए जाने के बाद से अराजकता की स्थिति बनी हुई है. बीते कुछ समय में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ गई है. इस बीच बांग्लादेशी प्रवासियों ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Georgia Meloni) और उप प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी को पत्र लिखा है.

बांग्लादेशी प्रवासियों ने लेटर में बांग्लादेश में ‘स्वतंत्र’ और ‘लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति’ पर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा किए गए हमलों की निंदा की .

इटली में बांग्लादेशी समुदाय का यूनुस सरकार के खिलाफ विरोध

इटली में बांग्लादेशी समुदाय के लोगों ने दो अलग-अलग चिट्ठियों में एक ही संदेश लिखा. लोगों ने महम्मद यूनुस सरकार को ‘अनिर्वाचित’ और शासन करने के लिए लोकतांत्रिक जनादेश से रहित बताया. लोगों ने अंतरिम सरकार पर बार-बार चुनाव स्थगित करने और अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाकर बांग्लादेशी नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि इस तरह की परिस्थिति में कोई भी चुनाव ‘स्वतंत्र, निष्पक्ष या पूरी तरह से सहभागी’ नहीं हो सकता.

पत्र मे क्या लिखा गया?

लोगों ने पत्र में लिखा है,

“यूनुस के शासन में, राजनीतिक उत्पीड़न व्याप्त है. अवामी लीग के निर्दोष सदस्य और समर्थक, न्यायपालिका द्वारा भेदभाव, हिंसक हमलों और निराधार, राजनीति से प्रेरित आरोपों का शिकार हुए हैं. अंतरिम प्रशासन के सत्ता में आने के बाद से अवामी लीग के सैकड़ों सदस्यों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया और 200 से ज्यादा समर्थकों की हत्या की गई है. इसका मकसद असहमति को दबाना और अवामी लीग को देश के राजनीतिक परिदृश्य से मिटा देना है.”

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यूनुस सरकार पर आरोप

लोगों ने यह आरोप भी लगाए हैं कि

“यूनुस सरकार के दौरान हिंसक अपराध, लूटपाट, डकैती, बलात्कार और हत्या के मामले चरम पर हैं, जिनमें लिंचिंग के 600 से ज्यादा मामले और यातना के 2,500 से ज्यादा मामले शामिल हैं.इनमें से ज्यादातर घटनाएं धार्मिक कारणों से प्रेरित थीं.कट्टरपंथी और कुछ मामलों में आतंकवादी समूहों के हाथों हिंदू, बौद्ध और ईसाई सहित धार्मिक अल्पसंख्यक हिंसा और उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं .”

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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