Bangladesh Violence: बांग्लादेश में एक बरा फिर लोगों का आक्रोश हिंसा का रूप लेता दिख रहा है. यह गुस्सा बांग्लादेश के छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी (Sharif Osman Hadi) की मौत के बाद देखने को मिला. गुरुवार (18 दिसंबर) रात लोगों की भीड़ ने राजधानी ढाका के कई इलाकों में हमले किए. इन हमलों में बांग्लादेश के दो प्रमुख अखबारों के दफ्तर भी शामिल हैं.
कट्टरपंथी छात्र संगठन ‘इंकलाब मंच’ के नेता शरीफ उस्मान हादी की इलाज के दौरान मौत हो गई है. लेकिन इस मौत ने पूरे बांग्लादेश में एक ऐसी चिंगारी सुलगा दी है जो अब भारत की सीमाओं तक पहुंच रही है. पिछले शुक्रवार (12 दिसंबर) को उस्मान हादी को ढाका की एक मस्जिद से निकलते वक्त गोली मारी गई थी. गोली सिर में घुसने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद उन्हें 15 दिसंबर को एयरलिफ्ट कराकर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, जहां अस्पताल में उनकी गुरुवार (18 दिसंबर) को मौत हो गई. उसके बाद से पूरे बाग्लादेश में हिंसा हो रही है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश में धर्म का अपमान करने के आरोप में एक हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला. इसके बाद उसके शव को नग्न करके एक पेड़ से लटका कर आग लगा दी. पुलिस ने मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में की है. पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार (18 दिसंबर) रात भालुका में हुई. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें लोग ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते दिख रहे हैं.
उस्मान हादी की मौत की खबर फैलते ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए. जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ढाका में प्रोथोम आलो और डेली स्टार अखबारों, धानमंडी 32 स्थित शेख मुजीब के घर और छायानाट संस्कृति भवन पर हमला किया, तोड़फोड़ की और इमारतों को आग लगा दी. इसके अलावा, चटगांव, राजशाही और कई अन्य क्षेत्रों में भी विभिन्न स्थानों पर हमले हुए.
चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास के सामने बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि भीड़ ने उच्चायोग पर पत्थरबाजी की. इसके अलावा, अपदस्थ अवामी लीग सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल के घर में तोड़फोड़ की गई और उसे आग लगा दी गई.
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार देर रात राष्ट्र के नाम संदेश में कहा, “इस क्रूर हत्या में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और उन्हें अधिकतम सजा दिलाई जाएगी. इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.” उन्होंने आगे कहा, “हमें उन लोगों के जाल में नहीं फंसना चाहिए जो देश को अस्थिर करना चाहते हैं, आइए हम सभी एकजुट होकर लोकतंत्र, न्याय और जनता के अधिकारों की स्थापना की दिशा में ठोस कदम बढ़ाएं.”
यूनुस ने कहा, “मैं एक बार फिर स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि उस्मान हादी पराजित ताकतों, फासीवादी आतंकवादियों के दुश्मन थे. उनकी आवाज को दबाने और क्रांतिकारियों को डराने का नापाक प्रयास पूरी तरह विफल किया जाएगा. कोई भी डर, आतंक या खूनखराबे के जरिए इस देश की लोकतांत्रिक प्रगति को नहीं रोका जा सकता.” उन्होंने यह भी कहा कि मृतक उस्मान हादी की पत्नी और इकलौते बच्चे की जिम्मेदारी सरकार लेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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