फोटो-IANS
Danish PM Attacked in Copenhagen: डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (Mette Frederiksen) पर शुक्रवार शाम राजधानी कोपेनहेगन में एक व्यक्ति ने हमला कर दिया है. कोपेनहेगन पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है. हालांकि अन्य जानकारी शेयर करने से मना कर दिया है.
प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले से कहा गया है, ‘शुक्रवार शाम को कोपेनहेगन के कुल्टोरवेट में प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (46 वर्ष) पर एक व्यक्ति ने हमला किया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. प्रधानमंत्री इस घटना से स्तब्ध हैं.’
हालांकि उन्होंने और अधिक जानकारी नहीं दी. यह घटना इस सप्ताह होने वाले यूरोपीय संघ के चुनावों से पहले जर्मनी में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं पर कार्यस्थल पर या चुनाव प्रचार के दौरान हुए हमलों के बाद घटित हुई है.
घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों के सामने आए बयान में कहा गया है कि एक आदमी विपरीत दिशा से आया और प्रधानमंत्री के कंधे पर जोर से धक्का मारा, जिससे वह लड़खड़ा गईं, लेकिन वो जमीन पर नहीं गिरी. घटना के बाद हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि, उसकी पहचान और हमले के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है.
फ्रेडरिक्सन सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स की नेता के रूप में पदभार संभालने के बाद 2019 में प्रधानमंत्री बनीं थीं. इस तरह वह डेनिश इतिहास की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बन गईं थीं.
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यह घटना इस सप्ताह होने वाले यूरोपीय संघ के चुनावों से पहले जर्मनी में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं पर कार्यस्थल पर या चुनाव प्रचार के दौरान हुए हमलों के बाद घटित हुई है.
इससे पहले बीते 15 मई को स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको को हैंडलोवा के केंद्रीय शहर में एक सरकारी बैठक के बाद समर्थकों का अभिवादन करते समय करीब से चार बार गोली मारी गई थी. जानलेवा हमले के बाद फिको को पास के शहर के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी दो सर्जरी और बचा लिया गया.
यूरोपीय यूनियन के प्रमुख चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रॉबर्टा मेट्सोला ने शुक्रवार को फ्रेडरिक्सन पर हमले की निंदा की. मेट्सोला ने डेनमार्क के सरकार प्रमुख से ‘मजबूत बने रहने’ का आग्रह किया, जबकि एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ‘राजनीति में हिंसा का कोई स्थान नहीं है.’
यूरोपीय यूनियन आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी सोशल मीडिया पर दिए गए एक बयान में इस कृत्य की निंदा की. उन्होंने इसे ‘घृणित कृत्य बताया, जो यूरोप में सभी मान्यताओं और संघर्षों के विरुद्ध है.’
डेनमार्क के पर्यावरण मंत्री मैग्नस ह्यूनिके ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘मुझे कहना होगा कि यह हम सभी को झकझोर कर रख देता है जो उनके करीबी हैं. हमारे सुंदर, सुरक्षित और स्वतंत्र देश में ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए.’
-भारत एक्सप्रेस
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