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Trump Assassination Threat: डोनाल्ड ट्रंप की हत्या पर 10 मिलियन डॉलर के इनाम का दावा, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

Donald Trump assassination threat: इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया नेटवर्क से जुड़े एक समूह”इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक” ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि जो भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करेगा, उसे 10 मिलियन डॉलर (लगभग 86 करोड़ रुपये) का इनाम दिया जाएगा. यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान समर्थित समूहों के बीच क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है.

क्या कहा गया है बयान में?

समूह द्वारा जारी कथित बयान में कहा गया है कि यह इनाम उसके समर्थकों से जुटाए गए दान के जरिए दिया जाएगा. बयान में दावा किया गया कि यह घोषणा 2020 में हुए उस अमेरिकी हमले के जवाब में की गई है, जिसमें ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी और इराकी मिलिशिया नेता अबू महदी अल-मुहांडिस की मौत हुई थी.

हालांकि, इस इनाम की घोषणा की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी प्रामाणिकता की जांच की जा रही है.

2020 का हमला क्यों बना विवाद की वजह?

जनवरी 2020 में बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख कासिम सुलेमानी और पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के वरिष्ठ कमांडर अबू महदी अल-मुहांडिस मारे गए थे. उस समय अमेरिका ने इस कार्रवाई को अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया था, जबकि ईरान और उसके समर्थित संगठनों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था.

यह भी पढ़ें: आज बंगाल पहुंच रहे हैं अमित शाह, क्या हैं इस 3 दिवसीय दौरे के मायने?

बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच आया बयान

यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान समर्थित समूहों के बीच तनाव बना हुआ है. हाल के महीनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं और विभिन्न ईरान समर्थित संगठनों की ओर से अमेरिकी हितों के खिलाफ कड़े बयान सामने आए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं तथा सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती पैदा कर सकते हैं.

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य शीर्ष नेताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और अन्य संघीय एजेंसियों के पास होती है. किसी भी सार्वजनिक धमकी या हिंसा के आह्वान को गंभीरता से लिया जाता है और सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों की जांच करती हैं.

डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कथित इनाम की घोषणा का दावा अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सामने आया है. फिलहाल इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने एक बार फिर मध्य पूर्व की अस्थिर सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय तनाव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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