Israel Iran War: ईरान में जारी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक ऐसा पासा फेंका है, जिसने युद्ध के मैदान में खलबली मचा दी है. ट्रंप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC), नियमित सेना और पुलिस बल को एक ‘ओपन ऑफर’ दिया है. ट्रंप का यह प्रस्ताव जितना लुभावना है, उसकी दूसरी शर्त उतनी ही खौफनाक. उन्होंने साफ कहा है कि यदि ईरानी सुरक्षा बल अपनी जान बचाना चाहते हैं, तो उन्हें बस एक काम करना होगा वो है ‘तत्काल आत्मसमर्पण’.
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ताजा संबोधन में ईरानी सैन्य बलों को सीधे संबोधित करते हुए ‘सेफ पैसेज’ का प्रस्ताव दिया. ट्रंप ने कहा कि मैं ईरानी मिलिट्री और पुलिस से अपील करता हूं कि वे समय रहते हथियार डाल दें. यदि वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें पूरी इम्युनिटी (कानूनी सुरक्षा) दी जाएगी और उनकी जान बख्श दी जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में आगाह किया कि “यह आपके पास आखिरी मौका है. या तो हथियार डाल दो और सुरक्षित रहो, वरना पक्की मौत का सामना करने के लिए तैयार रहो.
ट्रंप ने केवल सेना को ही नहीं, बल्कि ईरान के आम नागरिकों और ‘देशभक्तों’ को भी उकसाया है. उन्होंने ईरानी जनता से कहा कि बहादुर बनो, हीरो बनो और इस पल का फायदा उठाकर अपना देश वापस लो. अमेरिका आपके साथ है. ट्रंप ने नागरिकों से अपील की कि जब तक अमेरिकी बमबारी जारी है वे घरों में रहें और जैसे ही मौका मिले, अपनी सत्ता पर कब्जा कर लें.
ऑपरेशन की प्रगति पर जानकारी देते हुए ट्रंप ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर अब तक ईरान के 48 शीर्ष नेताओं को मार गिराया है. उन्होंने पुष्टि की कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरी मिलिट्री कमांड बिखर चुकी है. पिछले 36 घंटों में ईरान के नौ युद्धपोतों, नेवल बिल्डिंग्स और एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है.
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जंग के मैदान से अमेरिका के लिए दुखद खबर भी आई है. ईरानी जवाबी हमले में तीन अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हैं. ट्रंप ने इन सैनिकों को ‘सच्चा देशभक्त’ बताते हुए कहा कि उनकी मौत का बदला लिया जाएगा. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह ऑपरेशन अभी 4 हफ्ते तक चल सकता है और इसमें और भी जानें जा सकती हैं. ईरान के पलटवार में इजरायल के बेत शेमेश में एक प्रार्थना स्थल पर हमला हुआ, जिसमें 11 लोगों की जान जाने की खबर है.
डोनाल्ड ट्रंप का यह ‘अम्यूनिटी ऑफर’ ईरान की सेना के भीतर फूट डालने और उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका तब तक नहीं रुकेगा जब तक ईरान की परमाणु क्षमता और उसकी वर्तमान सत्ता का पूरी तरह अंत नहीं हो जाता.
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