Donald Trump Correspondents Dinner: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर’ (White House Correspondents’ Dinner) के दौरान हुई फायरिंग की खबर ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के डिनर हॉल के पास हुई इस खौफनाक घटना के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आईं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया. इस घटना ने दुनिया की सबसे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आइए जानते हैं कि आखिर ये कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर होता क्या है और राजनीति व मीडिया के लिए यह इतना खास क्यों है?
अमेरिका में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर लंबे समय से राजनीति, मीडिया और ग्लैमर का सबसे बड़ा संगम माना जाता है. साल 1921 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब एक हाई-प्रोफाइल इवेंट बन चुका है, जहां देश के शीर्ष नेता, पत्रकार, हॉलीवुड अभिनेता और कई बड़ी हस्तियां एक ही छत के नीचे नजर आती हैं. 1924 में राष्ट्रपति केल्विन कूलिज (Calvin Coolidge) के इसमें शामिल होने के बाद से लगभग हर अमेरिकी राष्ट्रपति इस कार्यक्रम का हिस्सा रहे हैं. यहां अक्सर हल्के-फुल्के अंदाज में भाषण दिए जाते हैं.
यह डिनर सिर्फ एक आम कार्यक्रम नहीं है, बल्कि अमेरिका में ‘फ्री प्रेस’ और सरकार के रिश्तों का एक अहम प्रतीक माना जाता है. इसे व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन (WHCA) आयोजित करती है.
एसोसिएशन की वेबसाइट के मुताबिक, यह सालाना डिनर उनके पूरे कामकाज का सबसे बड़ा आर्थिक स्रोत (Economic Source) है. इस इवेंट की टिकटें आम लोगों को नहीं बेची जातीं, बल्कि सिर्फ उन्हीं न्यूज़ संगठनों को दी जाती हैं जो एसोसिएशन का हिस्सा होते हैं. इस आयोजन से जुटाए गए फंड से पत्रकारों को सपोर्ट किया जाता है, ‘फर्स्ट अमेंडमेंट’ (First Amendment) के महत्व पर कार्यक्रम चलाए जाते हैं, नए पत्रकारों को स्कॉलरशिप दी जाती है और पत्रकारिता से जुड़े प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स बांटे जाते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी मीडिया के रिश्ते हमेशा से बेहद तनावपूर्ण रहे हैं. उन्होंने कई बार मेनस्ट्रीम मीडिया को “फेक न्यूज़” कहा है और इसी नाराजगी के चलते वे पिछले कई सालों तक इस डिनर में शामिल नहीं हुए थे. इस बार वह पहली बार इस डिनर में हिस्सा लेने वॉशिंगटन हिल्टन (Washington Hilton) होटल पहुंचे थे. माहौल हल्का और उत्साह से भरा हुआ था और ट्रंप अपने भाषण में कुछ मजाकिया बातें करने वाले थे.
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हर एंट्री पॉइंट पर सघन जांच के बावजूद, अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं. कई लोगों ने 5 से 8 गोलियों जैसी आवाजें सुनीं. शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद यह कोई तकनीकी गड़बड़ी है, लेकिन जल्द ही यह खौफनाक सच सामने आ गया. पूरे हॉल में भगदड़ मच गई. अमेरिकी सीक्रेट सर्विस तुरंत सक्रिय हुई और ट्रंप को चारों तरफ से घेरकर सुरक्षित बाहर ले जाया गया. उनके साथ मेलानिया ट्रंप और अन्य वीआईपी मेहमानों को भी निकाल लिया गया. हॉल में मौजूद सैकड़ों लोगों को जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिपने के निर्देश दिए गए.
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