Gulf Countries Deport Pakistanis
Gulf Countries Deport Pakistanis: हर मंच पर मुस्लिम उम्माह की राग अलापने वाले पाकिस्तान को सऊदी अरब ने ही औकात दिखा दी. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के प्रशासन ने वहां रहने वाले हजारों पाकिस्तानियों को अपने मुल्क से भगा दिया. इन पाकिस्तानियों पर ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करने का आरोप लगाया गया है.
पाकिस्तान सरकार ने इस संबंध में आंकड़े जारी किये हैं. जिसके मुताबिक मार्च से जुलाई के बीच खाड़ी सहयोग परिषद के 6 देशों से 20 हजार पाकिस्तानियों को भगा दिया गया है. इन देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, बहरीन, कतर और कुवैत शामिल हैं. इनमें सबसे ज्यादा सऊदी अरब में पाकिस्तानी रहते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने 15,500 पाकिस्तानियों को भगाया है. वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने 3803, ओमान ने 1606, बहरीन ने 521, कतर ने 429 और कुवैत ने 97 पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया है.
पाकिस्तान के नारकोटिक्स कंट्रोल मंत्रालय ने नेशनल असेंबली में ये आंकड़े पेश किए. जिसमें बताया गया है कि खाड़ी देशों में रहने वाले इन पाकिस्तानियों को अलग-अलग कारणों से भगाया गया है. जिसमें वीजा अवधि खत्म होना, सुरक्षा संबंधी मामले, भीख मांगना, अवैध प्रवेश, ड्रग्स से जुड़े मामले और फर्जी या अधूरे दस्तावेज शामिल हैं.
रिपोर्ट में बताया गया है कि खाड़ी देशों में रहने वाले करीब 4628 पाकिस्तानियों को भगोड़ा घोषित किया गया है. वहीं 1294 लोग जेल में है. इसके अलावा वीजा उल्लंघन मामले में 689 लोगों को इन देशों में प्रवेश देने से इनकार किया गया है. इसके अलावा 968 लोग ब्लैकलिस्ट हुए हैं.
बता दें कि, मुस्लिम उम्माह का राग अलापकर और सुरक्षा का चूरन खिलाकर पाकिस्तान सालों से अरब देशों को गुमराह करता रहा है. इन खाड़ी देशों में पाकिस्तान से लाखों लोग हर साल रोजगार के लिए जाते हैं. खाड़ी देशों के इन एहसानों के बावजूद पाकिस्तानी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते. वहां के देशों के हितों के खिलाफ लगातार काम करते रहते हैं. इसलिए अरब देश समय-समय पर उन्हें भगाने के लिए अभियान चलाते रहते हैं.
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ईरान-अमेरिका युद्ध खाड़ी देशों के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा था. ईरान के तरफ से लगातार अरब देशों पर हमले किये जा रहे थे. मौके की नजाकत को देखते हुए अरब देशों ने ईरानी हमलों से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर डालने पर रोक लगा रखा था. लेकिन पाकिस्तान के लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे. वे लगातार ईरान के पक्ष में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे थे. जिसके बाद अरब देशों ने इन पाकिस्तानियों के खिलाफ ये फैसला लिया.
-भारत एक्सप्रेस
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